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क्या जयवर्धन को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की चुनावी मीटिंग


आगामी चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी अब कमर कस ली है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी कमलनाथ के साथ कदम से कदम मिलाकार चल रहे हैं. दोनों दिग्गज प्रदेश के हर सियासी घटनाक्रम पर नजर बनाये हुए हैं. दिग्विजय सिंह और कमलनाथ मप्र.कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद पहली बार साथ मिलकर बैठक कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पीसीसी पहुचे जहाँ प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया मौजूद थे. तीनों नेताओं के बीच बंद कमरे में चर्चा हुई. वही दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह भी मौजूद रहे .इस मुलाक़ात के कई सियासी मायने हैं दरअसल कुछ दिन पूर्व जयवर्धन सिंह दिल्ली में राहुल गाँधी से मिले थे उसके बाद सूत्रों का दावा था की जयवर्धन सिंह को मप्र. में युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है.

दिग्विजय सिंह की राजनैतिक यात्रा पर मंत्रणा-

नर्मदा परिक्रमा के बाद दिग्विजय सिंह ने मप्र. में राजनैतिक यात्रा निकलने की मंशा जाहिर की थी जो की 15 मई से ओरछा स शुरू होने वाली थी ल्वेकिन नेतृत्व परिवर्तन के कारण शायद कमलनाथ से अनुमति नहीं मिल पाई थी.आज दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ और दीपक बावरिया से चर्चा के बाद शायद जल्द ही यात्रा शुरू करेंगे.चुनावी साल में कमलनाथ हर फैसला सोच समझकर लेना चाहते हैं और उनकी कोशिश है की किसी भी परिस्थिति में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाई जाये.

क्या जयवर्धन को बड़ी जिम्मेदारी?

आज कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की मीटिंग में जयवर्धन सिंह की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है. चुनाव में जयवर्धन सिंह को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. दरअसल दिग्विजय सिंह भी बेटे जयवर्धन का कद संगठन में बढ़ाना चाहते हैं. कल जयवर्धन सिंह ने सिंधिया का अपने महल में गर्मजोशी से स्वागत किया था उसके भी प्रदेश में राजनैतिक मायने निकाले जा रहे हैं. कुछ दिन पहले जयवर्धन सिंह राहुल गाँधी से भी मिले थे और ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है की युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुणाल चौधरी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं इसलिए उन्हें कार्यमुक्त कर युवा कांग्रेस की जिम्मेदारी जयवर्धन सिंह को दी जा सकती है.


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