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अहमद पटेल की जीत और कांग्रेस की हार

अहमद पटेल की जीत और कांग्रेस की हार


गुजरात से राज्य सभा सीट के लिए हुए चुनाव में अहमद पटेल की जीत तो हुई लेकिन इस जीत के कई मायने है जहाँ एक ओर कांग्रेस में एक भगदड़ सी मची है पार्टी छोड़ गुजरात कांग्रेस के कई विधायक  बीजेपी का रुख कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी अहमद पटेल की जीत का जश्न कोंग्रेस ने बड़े जबरदस्त तरीके से मनाया क्योंकि अहमद पटेल हैं ही खास. सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार या कहें की राजनैतिक सचिव के रूप में कार्य करते आये हैं . गुजरात की सीट से लंबे समय से राज्यसभा चुन कर आते रहे है  .लेकिन इस बार की लड़ाई बहुत अलग थी इस बार अमित शाह व्यक्तिगत रूप से अहमद पटेल को हराने के लिए पूरी ताकत से लगे हुए थे और गुजरात प्रदेश कमेटी से वरिष्ठ विधायक शंकर सिंह बघेला को भी कांग्रेस से अलग करने में कही न कही अमित शाह का ही हाथ रहा है लेकिन इस जीत की खुशी कांग्रेस के लिए उस हद तक नही हो सकती थी क्योंकि जिस तरह से पार्टी का स्तर गिर रहा है लगातार विधायक पार्टी छोड़ कर जा रहे है  इसका परिणाम कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में झेलना पड़ेगा . जरूर अहमद पटेल की जीत से एक उत्साह बना होगा क्योंकि वह जीत कितनी संघर्ष पूर्ण थी ये सबके सामने है, रात भर घटनाक्रम चलता रहा और तब जाकर 2 वोट निरस्त किए गए उसके बाद अहमद पटेल को जीत मिली अब देखना यह है कि इस जीत के बाद क्या कोई कठोर कार्यवाही करते हुए एक नई योजना के साथ कांग्रेस बढ़ सकती है क्योंकि आज किसी भी स्तर से देखा जाए तो गुजरात मे बीजेपी बहुत मजबूत है. एक बहुत बड़ा  धड़ा शंकर सिंह बघेला (पूर्व नेता प्रतिपक्ष) कद्दावर नेता के रुप में गिने जाने वाले आज पार्टी को छोड़ चुके है . हालांकि उन्होंने खुले आम बीजेपी में जाने का एलान तो नही किया है लेकिन कांग्रेस छोड़ने से कही ना कही नुकसान कांग्रेस को ही उठाना पड़ेगा. दिल्ली में बैठ कर गुजरात की राजनीति आखिर कब तक चलेगी अहमद पटेल इतने संघर्षो के साथ राज्यसभा सासंद बने है गुजरात से आते है अब देखना यह है कि गुजरात के लिए क्या नई रणनीति कांग्रेस बनाती है जिससे वह बीजेपी का डट कर सामना कर सके क्योकि समय भाजपा के पक्ष में है सुशासन संगठन हर स्तर से भाजपा वहाँ मजबूत है .


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