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Monday 4th of June 2018 | कर्जे में डूबी मध्यप्रदेश सरकार

कर्जे में डूबी मध्यप्रदेश सरकार, गवर्नमेंट सिक्योरिटी को बेंचकर लिया लोन


नाजुक वित्तीय हालत से गुजर रही मध्यप्रदेश सरकार ने अबतक बाजार से 88 हजार करोड़ रुपए का कर्ज उठाया है यह कर्ज गवर्नमेंट सिक्युरिटी को बेचकर उठाया गया है, जो राज्य सरकार के कुल कर्ज के पचास प्रतिशत से ज्यादा है

दरअसल राज्य सरकार के ऊपर मार्च 2018 तक एक लाख 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में भी मप्र तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से ले चुका है राज्य सरकार दस साल के लिए अपनी गवर्नमेंट सिक्युरिटी बेचकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से दस साल के लिए विभिन्न वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेती है इसमें कई बैंक भी शामिल होते हैं.

बाजार से कर्ज उठाने पर राज्य सरकार को अन्य लोन के मुकाबले ज्यादा ब्याज देना होता है सूत्रों की मानें तो बाजार के वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने पर राज्य सरकार को करीब 5 से 9 प्रतिशत का ब्याज चुकाना पड़ता है वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार ने कर्ज के एवज में लगभग 12 हजार करोड़ रुपए ब्याज के रूप में चुकाए हैं, जो कुल बजट का लगभग 6 प्रतिशत है.


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