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Wednesday 1st of August 2018 | लिपिकों की हड़ताल से सहमी सरकार, शुरु की वार्ता

लिपिकों की हड़ताल से सहमी सरकार, शुरु की वार्ता


 

रीवा । मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ की प्रदेशव्यापी हड़ताल का आज 10 वां दिन है. हड़ताल के चलते विभागों का कामकाज ठप्प हो गया है. हालांकि सरकार की तरफ से उन्हें आश्वासन दिया गया है. इसके लिए आज सुबह उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अपने निवास पर लिपिकों की बैठक भी बुलाई थी, लेकिन अभी तक हड़ताल खत्म नही की गई है. वही पदाधिकारियों का कहना है कि जब मांगों पर सहमति बन जाएगी तब हड़ताल समाप्त कर दी जाएगी. तब तक हड़ताल जारी रहेगी. अब वित्तमंत्री ने कल फिर सभी जिलाध्यक्षों और प्रांतीय पदाधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया है.

इसके साथ ही संघ के प्रांताध्यक्ष मनोज वायपेयी ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से शांतिपूर्वक हड़ताल करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि लिपिक वर्ग की गरिमा को बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण हड़ताल करें. जबरदस्ती लड़ाई झगड़े और विवाद करने जैसे बचे. अनावश्यक पोस्ट, मैसेज ना करे और ना ही सोशल मीडिया पर विवादस्पद बयान दे. हमारा उद्देश्य मीडिया में हीरों बनना नही, बल्कि लिपिकों की वेतन विसंगति दूर कर और मांगों को पूरा करके मान-सम्मान स्थापित करना है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी हमें धैर्य संयम और रणनीति की आवश्यकता है, ऐसे में कोई काम ना करे जो लिपिको की छवि पर सवाल खड़े हो. वही उनका कहना है खुद सीएम ने हमारी मांगों को लेकर कमेटी बनाई थी. इनकी अनुशंसाएं आए एक साल हो गया है, लेकिन अब इसे लागू नहीं किया जा रहा है. इस पर भी चर्चा की जा रही है. जल्द ही सरकार द्वारा इसका निराकरण किया जाएगा.

बता दे कि मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आव्हान पर वेतन विसंगति एवं रमेशचंद्र शर्मा कमेटी की 23 अनुशंसा लागू किए जाने की मांग को लेकर 23 जुलाई से लिपिकों की हड़ताल निरंतर जारी है. हड़ताल के कारण 52 सरकारी विभागों में काम ठप पड़ गया है. सरकारी विभागों में फाइल चलना बंद हो गई है और सभी के छोटे-छोटे काम भी बाबुओं के नहीं होने से रुक गए हैं.


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