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Thursday 9th of August 2018 | आयुर्वेद जूनियर डॉक्टरों ने शुरू की हड़ताल

आयुर्वेद जूनियर डॉक्टरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा


 

चुनावी साल में मध्यप्रदेश में हड़ताल का दौर खत्म होने का नाम नही ले रहा है। आए दिन कोई ना कोई वर्ग हड़ताल पर जा रहा है। अब सरकार के खिलाफ आयुर्वेद जूनियर डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। वे आज से अनिश्चितकालीन हडताल पर चले गए है।इसमें रीवा के आयुर्वेद कॉलेज के साथ प्रदेश के छह सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों के पीजी व इंटर्न स्टूडेंट शामिल है।हड़ताल के चलते मरीजों की परेशानी बढ गई है,मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटक रहे है।

हड़ताल कर रहे डॉक्टर और इंटर्न स्टायपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे है।हड़तालियों का आरोप है कि आयुर्वेद पीजी छात्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष में क्रमशः 21 हजार, 22 हजार व 23 हजार रुपए स्टायपेंड मिल रहा है, जबकि मेडिकल कॉलेज में क्रमशः 56 हजार, 58 हजार व 59 हजार है।वही दूसरे राज्यों में स्टायपेंड 42 हजार से 80 हजार रुपए तक है, जबकि मध्यप्रदेश में इसका आधा भी नहीं मिल रहा है। हर बार उन्हें आयुष विभाग से आश्वासन दिया जाता है,लेकिन कभी इसकों पूरा नही किया जाता है। सरकार द्वारा लगातार जूडा को नजरअंदाज किया जा रहा है, लेकिन अब हम पीछे हटने वाले नही। जब तक हमारी मांगे पूरी नही हो जाती, तब तक ये हड़ताल जारी रहेगी।

वही उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि जल्द मेडिकल कॉलेज के जूडा के बराबर स्टायपेंड बढ़ाया जाए। अगर ऐसा नही किया गया तो आने वाले दिनों में वे भूख हड़ताल करेगें।जिसके चलते जो भी प्रदेश में अव्यवस्था होगी, उसकी जिम्मेदारी सरकार और आयुष की होगी।

 


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