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कमलनाथ ने सीएम को घेरा, तो शिवराज हुए शख्त

मूक-बधिर रेप मामले पर शुरु सियासत, कमलनाथ ने सीएम को घेरा, तो शिवराज हुए शख्त


बिहार के मुजफ्फरपुर और उप्र के देवरिया में बालिका गृह में यौन शोषण का मामला उजागर होने के बाद मप्र की राजधानी में हुए अनाथालय में मूक बधिर बच्ची से बलात्कार का मामला तूल पकड़ चुका है घटना के बाद से ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार को घेरना शुरु कर दिया है. प्रदेश की मीडिया प्रभारी शोभा ओझा के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सवाल खड़े किए है. नाथ ने प्रदेश के सारे छात्रावासों की जांच की मांग की है और सीएम से प्रदेश में पांच ऐसे स्थानों के बारे में पूछा है जहां बेटियां सुरक्षित है. वही उन्होंने कहा है कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नही है औऱ मुखिया मामा हाथ में तीर कमान लेकर नाचने में मस्त है.

दरअसल, भोपाल के अवधपुरी स्थित एक एनजीओ के गर्ल्स हॉस्टल में मूक-बधिर बच्चियों से दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटना को लेकर कमलनाथ ने तीखे वार किए है. कमलनाथ ने ट्वीटर के माध्यम से लिखा है कि पहले ही दुष्कर्म में देश में अव्वल,प्रदेश में अब बालिका गृह भी सुरक्षित नहीं. बिहार के मुजफ्फरपुर व UP के देवरिया की तरह MP में भी हुई घटना से प्रदेश शर्मशार हुआ. प्रदेश के सारे छात्रावासों की तुरंत जाँच करवाये और बालिकाओं को सरकार सुरक्षा दे.

हालाकि दुष्कर्म और छेड़छाड़ के इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. तथा बैठक में सीएम शिवराज ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ जल्द चालान पेश करने और कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए है. सीएम शिवराज ने बैठक के बाद कहा की इस घटना के बाद उनका मन व्यथित है. शिवराज ने बताया कि सरकार एनजीओ को मदद इसलिए करती है कि वो अच्छा काम करें, पर इस घटना के बाद अब अकेले एनजीओ के भरोसे अनाथालय नहीं छोड़ा जाएगा. सीएम शिवराज ने इस घटना के बाद प्रदेश के सभी अनाथालय के हर महीने निगरानी के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने इस मामले के आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की बात कही है.


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