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Monday 13th of August 2018 | चुनाव के बाद नहीं दिखेगें डमरूवाले

शिवराज के डमरू वाले बयान पर कमलनाथ ने किया पलटवार, चुनाव के बाद नहीं दिखेगें डमरूवाले


प्रदेश में 'डमरु' और 'मदारी' शब्द को लेकर सियासत हो चली है. सत्तापक्ष औऱ विपक्ष एक दूसरे पर जमकर हमले बोल रहा है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है. चुनावी नजदीकियों ने बयानबाजी को और तेज कर दिया है. इसी कड़ी में रविवार को कांग्रेस सांसद सिंधिया के गढ़ गुना पहुंचे शिवराज ने मदारी वाली बात को फिर दोहराया. शिवराज ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि हां मैं मदारी हूं, मैं डमरू बजाता हूं और गरीबों के बिजली बिल माफ हो जाते हैं दूसरी तरफ कांग्रेस शिवराज को मदारी बता रही है जो डमरु बजाता है किसानों को उनकी उपज के सही दाम मिलने लगते हैं. वही एक बार फिर इस पर पीसीसी चीफ कमलनाथ ने पलटवार किया है और कहा है कि 3 माह बाद ना डमरू दिखेगा और ना बजाने वाले.

दरअसल, कमलनाथ ने ट्वीटर के माध्यम से शिवराज सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा है कि प्रदेश की जनता पिछले 14.5 साल से बज रहे डमरू को भली-भाँति जानती है, जिससे किसान दुखी है, युवा बेरोजगार है, किसानों को, गरीबों को लाखों के बिजली बिल थमाये गये, बिजली चोरी के मुकदमे लगाये गये. वह यह भी जानती है कि अभी चुनावी डमरू बज रहा है 3 माह बाद ना डमरू दिखेगा और ना बजाने वाले.

आपको बतादें कि मध्यप्रदेश सरकार ने चार अगस्त को एक ही दिन में विभिन्न स्वरोजगार सम्मेलनों में 2.84 लाख युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार देने का दावा किया था.  जिस पर चुटकी लेते हुए अब कमलनाथ ने कहा है कि यह सब कलाकारी है, गुमराह करने की बात है. घोषणाओं के लिए न बजट है, न पैसा है. मदारी की तरह घोषणाएं कर लें, इससे लोगों को क्या तसल्ली होगी. यह नौजवानों को ठगने का प्रयास है. इसी बयान पर कांग्रेस एवं भाजपा में जुबानी जंग छिड़ गई है, जो लगातार बढ़ती ही जा रही है.


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