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Monday 27th of August 2018 | सडक की मांग लेकर गए बुजुर्ग को कलेक्टर ने भेजा जेल

बुजुर्ग ने की सड़क बनवाने की मांग, कलेक्टर ने भेजा जेल


 

सड़क की मांग करना एक बुजुर्ग को महंगा पड़ा है, जनसुनवाई में पहुंचे इस बुजुर्ग को कलेक्टर ने जेल भिजवा दिया| जेल से बाहर आते ही बुजुर्ग किसान ने अपनी आपबीती सुनाई है| जिसके बाद मामला गरमा गया है| कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया है| वहीं इस मामले में कलेक्टर घिर गए हैं| कलेक्टर और पुलिस दोनों के विरोधाभासी बयान सामने आये हैं, जिससे मामला और उलझ गया है|

दरअसल, मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई थी, जिसमे गांव खुरपा से चीलाचौन गांव की कच्ची सड़क बनाने की शिकायत को लेकर खुरपा निवासी 61 वर्षीय पीके पुरोहित पहुंचे थे| कई जगह गुहार लगाने के बाद पुरोहित 21 अगस्त को जनसुनवाई में नरसिंहपुर कलेक्टर अभय वर्मा के समक्ष पहुंचे। पुरोहित के अनुसार जनसुनवाई में कलेक्टर ने उनका आवेदन लिया और उन्हें लोक निर्माण विभाग के काउंटर पर भेज दिया। लोक निर्माण विभाग के काउंटर पर कोई मौजूद नहीं था, इसलिए वे पुन: वापस कलेक्टर के पास पहुंचे उनके दोबारा वापस जाने पर कलेक्टर भड़क गए और उन्होंने कहा कि एक दिन में सड़क नहीं बन जाएगी। पुरोहित ने कहा यह मामला कई महीनों से लम्बित है। इतना सुनते ही कलेक्टर आवेश में आ गए और बहस करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को बुला लिया और पुरोहित को कोतवाली थाने भेज दिया। पुरोहित को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट ले जाया। एसडीएम कार्यालय में नहीं थे। उन्होंने फोन पर ही अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देश देकर उनका वारंट तैयार कराया और उन्हें जेल भेज दिया गया। 4 दिन तक उनकी जमानत नहीं होने दी गई। रिहा होने के बाद पी के पुरोहित ने कलेक्टर अभय वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं| किसान ने एस पी आफिस में कलेक्टर के खिलाफ शिकायत भी की है| किसान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें उसने बताया कि उसने जेल भेजने की पूरी बात बताई है| बुजुर्ग ने बताया कि उसने सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत की जिसके बाद करीब एक माह तक निराकरण नही हुआ तो वह कलेक्टर के पास पहुंचा, जिस दौरान उस पर धारा 151 की कार्यवाही कर चार दिन तक जेल में रखा गया|

कलेक्टर ने कहा नशे में था इसलिए भेजा जेल

अब इस मामले में नया पेंच फंस गया है| नरसिंहपुर कलेक्टर का कहना है कि वह व्यक्ति नशे की हालत में था और हंगामा कर रहा था, इसलिए पुलिस के हवाले किया गया| इधर कोतवाली थाना प्रभारी का कहना है कि वृद्ध का मेडिकल परिक्षण नहीं हुआ था| इसीलिए यह कहना मुश्किल है कि वो नशे में था| अब सवाल खड़ा होता है बिना मेडिकल परीक्षण के नशे में होने के आरोप कैसे लगाए जा रहे हैं|

ब्रिटिश राज चलाने वाले कलेक्टर तत्काल निलंबित हो: कांग्रेस

एमपी कांग्रेस के ऑफिसियल ट्वीटर पर भी इस मामले को लेकर ट्वीट किया गया है| इसमें लिखा है " मप्र के नरसिंहपुर में सडक की समस्या बताने पर एक बुजुर्ग को कलेक्टर ने जेल भेज दिया, बुजुर्ग 4 दिन बाद रिहा।शिवराज जी,“ये कृत्य-अमानवीयता-अंसवेदनशीलता-निरंकुशता-अनैतिकता और-अराजकताहै।—आजाद भारत में ब्रिटिश राज चलाने वाले कलेक्टर को तत्काल निलंबित किया जाए"

 


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