VT Update
एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली कि अंतिम रिपोर्ट से खुलासा, केवल 7 प्रतिशत स्कूलों में है इंटरनेट की सुविधा, अंधेरे में जिले कि 532 स्कूलें टीवी एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला बने बिग बॉस सीजन 13 के विजेता, सर्वाधिक वोट पाकर हासिल किया विजेता का टैग धान खरीदी की मांग को लेकर अनशन पर बैठे अनशनकारी का स्वास्थ्य बिगड़ा, सांसद विधायक पहुंचे, रामबाग चौराहे में होगा चक्का जाम फर्जी कंपनी की शिकायत की पड़ताल के बाद EOW में दर्ज की प्राथमिकी फर्जी कंपनी को दिया दवा सप्लाई का ठेका और बिना सप्लाई लिया भुगतान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिया संकेत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जल्द होगी घोषणा मुख्यमंत्री ने सोनिया गांधी से की मुलाकात
Saturday 1st of September 2018 | लगातार छठवीं बार दौड़ में शामिल

लगातर छठवीं बार कृषि कर्मण की दौड़ में शामिल हुआ मध्यप्रदेश


मध्यप्रदेश में किसानों को फसलों के उचित दाम नही मिल रहे है, वे आत्महत्या को मजबूर हो रहे है, भावांतर योजना पूरी तरफ फेल साबित हुई है,किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी हुई है, इसके बावजूद पांच बार कृषि कर्मण अवॉर्ड हासिल कर चुकी मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने छठवीं बार भी अवार्ड मिलने का दावा किया है. सरकार का मत है कि प्रदेश में लगातार विकास हुआ है और हो रहा है, बीते पांच साल से लगातार कृषि विकास दर 18 फीसदी बना हुआ है, जो देश में सर्वाधिक है. इसके लिए केंद्र सरकार से कृषि कर्मण अवॉर्ड के लिए सभी राज्यों को प्रस्तुतिकरण देने 12 सितंबर को बुलाया गया है. उम्मीद है कि इस बार भी यह अवार्ड मप्र को ही मिलेगा.

खास बात ये है कि इस बार दावा समग्र उत्पादन की श्रेणी में किया गया है. 2016-17 में समग्र उत्पादन 512 लाख मीट्रिक टन हुआ है इसमें सर्वाधिक उत्पादन 224 लाख मीट्रिक टन गेहूं का रहा है.

इसके अलावा चना, सोयाबीन, धान, मक्का सहित अन्य फसलों का उत्पादन मिला लिया जाए तो यह आंकड़ा 512 लाख मीट्रिक टन होता है. बीते दो सालों की बात करे तो पारम्परिक रूप से सर्वाधिक गेहूं उत्पादन वाले हरियाणा और पंजाब को भी मध्यप्रदेश ने पीछे छोड़ दिया था. गेहूं उत्पादन में वर्ष 2014-15 के मुकाबले वर्ष 2015-16 में 7.64 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी. वर्ष 2014-15 में गेहूं उत्पादन 171.03 लाख टन था, जो 2015-16 में बढ़कर 184.10 लाख टन हो गया था. इससे पहले वर्ष 2013-14 में भी मध्यप्रदेश को यह पुरस्कार गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में मिला था, जबकि वर्ष 2011-12, वर्ष 2012-13 एवं वर्ष 2014-15 में कुल खाद्यान्न उत्पादन में यह अवार्ड मिल चुका है.


घोषणापत्र के वादे हमारे लिए धार्मिक वाक्य से कम नहीं : सिंधिया

       भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 का ओवरब्रिज गिरा, घायलों को हमी


 VT PADTAL