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Sunday 16th of September 2018 | तिलहन फसलों पर मिलेगा समर्थन मूल्य

तिलहन फसलों पर केंद्र सरकार देगी किसानों को भावान्तर का फायदा


 

किसानों को साधने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह से लगी हुई हैं इसी लिए अब मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर केंद्र सरकार भी तिलहन फसलो पर समर्थन मूल्य देने की तैयारी में है, मोदी सरकार इसी सत्र से किसानो को अंतर राशी देने की मंजूरी दे दी है| हलाकि केंद्र सरकार ने मप्र की भावांतर योजना को ‘अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (आशा) के नाम से लागू किया है। इस योजना का फायदा देशभर के किसानों को मिलेगा।

मप्र सरकार की भावांतर भुगतान योजना को केंद्र सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से देशभर में लागू कर दिया है। तिलहन फसलों पर इसी सत्र से किसानों को भावांतर का फायदा मिलेगा। यदि फसल बाजार में समर्थन मूल्य से कम बिकती है तो फिर औसत विक्रम मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में जाएगी। केंद्र सरकार ने इस योजना को अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (आशा) नाम दिया है। केंद्र सरकार ने यह स्कीम फिलहाल सिर्फ तिलहन फसलों पर लागू की है। आशा योजना के लिए केंद्र सरकार ने 15053 करोड़ रुपए की राशि भी मंजूर कर दी है।

 

15 अक्टूबर से लागू की गई थी योजना

मप्र में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना पिछले साल 15 अक्टूबर से प्रदेश भर में लागू की गई थी। खरीफ फसलों की खरीदी-बिक्री पर किसानों को इस योजना का लाभ दिया गया था। हालांकि मप्र में यह योजना लागू होने के बाद फसलों के दाम बहुत नीचे आ गए थे। सोयाबीन, मूंगफल, ज्वार, बाजरा, मक्का एवं अन्य अधिसूचित फसलों को व्यापारियों ने 10 से 15 साल पुरानी कीमतों पर खरीदा। इस योजना के लागू होने के बाद मप्र में व्यापारियों कॉकस बना, जिसने जमकर चांदी काटी।

भावांतर योजना से किसानों को फायदा पहुंचा था। भारत सरकार ने भी इसे आशा नाम से देशभर में लागू किया है। तिलहन फसलों के समर्थन मूल्य से कम बिकने पर अंतर की राशि किसानों को दी जाएगी। मप्र में खरीफ सीजन में 12.80 किसानों को 2 हजार करोड़ रुपए भावांतर के तहत खातों में जमा कराए। तिलहन उत्पादक किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।

राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव, कृषि

 


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