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Sunday 16th of September 2018 | मुख्यमंत्री के सम्मलेन के लिए बस ऑनर्स ने किया बस देने से इनकार

पिछड़ा वर्ग सम्मलेन के लिए बस ऑनर्स एसोसिएशन ने किया बस देने से इनकार


 

विधानसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है| ताजा मामला आया है प्रदेश के सतना जिले से जहाँ पार्टी के द्वारा पिछड़ा वर्ग सम्मलेन किया जाना तय हुआ है, मगर sc/st एक्ट के विरोध के चलते बस ऑपरेटर एसोसिएशन के द्वारा सम्मलेन के लिए बस देने से इनकार कर दिया गया है| यहाँ भी मुख्यमंत्री जी को सवर्णों के विरोध का खामियाजा पार्टी को हर तरफ झेलना पड़ रहा है। आपको बता दें की 18 सितंबर को सतना जिले में सरकार पिछड़ा वर्ग महाकुंभ सम्मेलन आयोजित कर रही है। इसके लिए हितग्राहियों को लाने ले जाने के लिए सरकार ने जिला परिवहन कार्यालय से 400 बसों मांगी हैं। लेकिन अब सरकार की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। एससी-एसटी एक्ट और तेल की बढ़ती कीमतों के विरोध में जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन समिति ने बस देने से इनकार कर दिया है।

जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन समिति के उापध्यक्ष राहुल सिंह ने कहा कि हम सरकार द्वारा लाए गए एससी-एसटी एक्ट में संशोधन का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की लगातार कीमतें बढ़ती जा रही हैं। पूर्व में प्रशासन ने ऐसे ही कार्यक्रमों के लिए बसों का अधिग्रहण किया था। लेकिन आजतक उनका भुगतान नहीं किया गया। पूर्व में भी प्रशासन ने करीब 200 से 250 बसों की मांग की थी। तब का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। और अब डीजल के दाम पहले से आसमान छू रहे हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमने मुख्यमंत्री के रैली में अपनी बसें न देने का फैसला लिया है।

परिवहन अधिकारी को पत्र लिखकर दी जानकारी

जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन समिति ने ये फैसला शुक्रवार को बुलाई आपातकाल बैठक में लिया है। इसके लिए समिति ने जिला परिवहन अधिकारी को लिखाकर बसें नहीं देने की बात कही है। अपने वाहनों को न देने के संस्था के सदस्यों ने प्रमुख कारण बताए, जिनमें से प्रमुख रूप से सरकार का जातिगत राजनीति करना। वहीं दूसरा जबरदस्त बढ़ रही डीजल पेट्रोल की कीमतें और जिले के खस्ताहाल सड़कें।

 


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