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रुस और उत्तर कोरिया का इंटरनेट कनेक्शन

रुस और उत्तर कोरिया का इंटरनेट कनेक्शन, अमेरिकी प्रयासों को लगा धक्का।


नई दिल्ली। रुस और उत्तर कोरिया के इंटरनेट कनेक्शन से अमेरिकी प्रयासों के धक्का लगा है। दरअसल रूस की एक सरकारी कंपनी ने उत्तर कोरिया को इंटरनेट का दूसरा कनेक्शन दिया है। उच्च क्षमता वाले इस कनेक्शन से उत्तर कोरिया की साइबर ताकत बढ़ गई है। इससे उत्तर कोरिया को अलग-थलग करने के अमेरिकी प्रयास को धक्का लगा है।
इस दौरान अमेरिका ने अपने मिसाइल डिफेंस सिस्टम को और प्रभावशाली बनाने का काम शुरु कर दिया है। इसके लिए संसद से 440 मिलियन डॉलर (2,860 करोड़ रुपये) के अतिरिक्त बजट स्वीकृति की दरकार है। ट्रांस टेलीकॉम द्वारा दिए गए इस कनेक्शन का पता रविवार को लगा। यह सन 2010 में चीन की कंपनी चाइना यूनीकॉम के दिए इंटरनेट कनेक्शन के अतिरिक्त होगा और उसे मजबूती देगा। इस नए कनेक्शन से उत्तर कोरिया के साइबर नेटवर्क में होने वाले किसी हमले या गड़बड़ी से निपटने में मदद मिलेगी।
रुस द्वारा उत्तर कोरिया को दिये गये इस नये इंटरनेट कनेक्शन से उत्तर कोरिया का साइबर नेटवर्क और मजबूत होगा। कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उत्तर कोरिया के पास 6,800 साइबर युद्ध विशेषज्ञों की फौज है। यह दूसरे देशों पर कई बार साइबर अटैक कर चुकी है। सन 2014 में इसी ने सोनी पिक्चर्स की हैकिंग की  थी। उत्तर कोरिया के साथ युद्ध के खतरे के चलते अमेरिका ने अपनी मिसाइल रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने का फैसला किया है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने संसद से बजट में और बढ़ोतरी का अनुरोध किया है। आप को बता दें कि मिलाइल डिफेंस के बजट के लिए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को पहले ही 8.2 अरब डॉलर यानी करीब 53 हजार करोड़ रुपये रकम दी जा चुकी है। 
 


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