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Tuesday 30th of October 2018 | विधानसभा चुनाव के लिए सांसदों की 'ना'

विधानसभा चुनाव लड़ने से सांसदों की मनाही, बीजेपी की चिंता बढ़ी


 

रीवा. मप्र विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस जिताऊ उम्मीदवार को लेकर बड़े व्यापक पैमाने पर मंथन कर रहे हैं.जीत के लिए बीजेपी ने अपने सांसदों को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया था लेकिन सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते.

मप्र विधानसभा चुनाव में अब चन्द दिन ही बचे हैं.अगले 2 से 3 दिन में बीजेपी और कांग्रेस अपने पत्ते खोलेंगी.दोनों ही दल सर्वे को प्राथमिकता दे रहे हैं.जहाँ एक और संघ के सर्वे ने बीजेपी की नींद उड़ दी है तो वहीँ कांग्रेस में राहुल गाँधी की टीम द्वारा कराया गये सर्वे में बड़ा फेर बदल देखा जा सकता है .बीजेपी सर्वे के बाद मैदान में कई सांसदों को उतरना चाहती है लेकिन विन्ध्य क्षेत्र के सांसद विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं| रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा को पार्टी रीवा जिले की सेमरिया सीट से चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन जनार्दन मिश्रा ने पार्टी को मन कर दिया है हालाकि वो कई बार साफ़ कर चुके हैं की वो  विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं| तथा लोकसभा चुनाव  की उनकी प्राथमिकता हैं|

 सतना संसद भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते| उनकी भी मंशा सिर्फ अगला लोकसभा चुनाव लड़ने की है दरअसल पार्टी सतना संसद को अमरपाटन विधानसभा से चुनाव लडवाना चाह रही थी| इसी कड़ी मे सीधी सांसद रीती पाठक भी अपने आप को विधानसभा चुनाब से दूर रखना चाहती है| दरअसल मप्र विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार के खिलाफ एक माहौल निर्मित है ऐसे में संसद अपना रिपोर्ट कार्ड नहीं ख़राब करना चाहते क्यों की अगर विधानसभा हार गये तो लोकसभा के टिकिट की भी दिक्कत हो हो जाएगी|

 वैसे भी एट्रोसिटी एक्ट का मामला सरकार के खिलाफ है| कुल मिलाकर संसद अपने आपको अगले लोकसभा के लिए तैयार कर रहे हैं वो सीधे दिल्ली की ही सियासत करना चाहते हैं ऐसे में देखना होगा पार्टी जिन सीटों में सांसदों को चुनाव लड़ाने की कोशिश में थी लेकिन सांसदों के मन करने के बाद किसे मैदान में उतरती है यह देखना होगा |

 

 

 


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