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अंतरराष्ट्रीय कैंपेन ICAN

अंतरराष्ट्रीय कैंपेन ICAN को मिला नोबेल शांति पुरस्कार


अंतरराष्ट्रीय कैंपेन ICAN को इस साल नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है ।  परमाणु हथियारों के ख़ात्मे के लिए ये संस्था एक लंबे समय से काम कर रही है। नोबेल कमेटी की प्रमुख बेरिट रेइस-एंडरसन ने कहा है, कि परमाणु हथियारों पर रोक की संधि की आईकैन की कोशिशों के लिए ये पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने उत्तर कोरिया का ज़िक्र करते हुए कहा कि ,''हम ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का ख़तरा पहले से कहीं ज़्यादा है।'' उन्होंने परमाणु हथियार संपन्न देशों से एटमी हथियार ख़त्म करने के लिए बातचीत शुरू करने की अपील की है।
इसी लिए परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान ICAN को इस साल शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। नॉर्वे की नोबेल कमिटी के मुताबिक ICAN को यह पुरस्कार दुनिया को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बाद भयावह परिस्थितियों से अवगत कराने के लिए उसके प्रयासों की वजह से दिया गया है। नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में पोप फ्रैंसिस, सऊदी के ब्लॉगर रैफ बदावी, ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ भी शामिल थे। कमिटी ने पुरस्कार की घोषणा के समय कहा कि हम इसके जरिए सभी परमाणु हथियार संपन्न देशों को यही संदेश देना चाहते हैं कि अगर वे इसका इस्तेमाल करते हैं तो यह कितना विनाशकारी साबित हो सकता है। 
नॉर्वे की कमिटी ने कुल 300 नामांकनों में से इंटरनैशनल कैंपेन टु अबॉलिश न्यूक्लियर वेपंज़ (ICAN) को इस साल के शांति पुरस्कार के लिए चुना है। कमिटी के मुताबिक ICAN ने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर कैंपेन चलाया है। पुरस्कार की घोषणा ओसलो में की गई। हालांकि नॉर्वे की कमिटी ने यह नहीं बताया कि इस पुरस्कार के लिए किनके नामों पर विचार किया गया, लेकिन यह बताया गया कि पुरस्कार के लिए 215 लोगों और 103 संस्थाओं को नामांकित किया गया था। संस्था को यह पुरस्कार इसी साल 10 दिसंबर को ओसलो में दिया जाएगा। पुरस्कार के तौर पर ICAN को 11 लाख डॉलर दिए जाएंगे।
बता दें कि जुलाई में 122 देशों ने यूएन के परमाणु हथियारों को निषेध करने के लिए संधि पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे परमाणु हथियार संपन्न देशों ने खुद को इस वार्ता से दूर रखा था। ICAN को नोबेल शांति पुरस्कार ऐसे समय में दिया गया है जब उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपने सबसे शक्तिशाली परमाणु बम का परीक्षण किया और अमेरिका के साथ उसका तनाव बरकरार है। ICAN के मुताबिक वह 100 से ज्यादा देशों में काम करने वाली संस्था है। इसकी शुरुआत आधिकारिक तौर पर वियना में साल 2007 में हुई थी। 


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