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Tuesday 8th of January 2019 | सागर लोकायुक्त ने की बड़ी कार्रवाई

रिश्वत लेते हुए राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार, नगर सीएमओ बनी मुख्य आरोपी


दमोह जिले में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम ने टीम ने नगर पालिका की मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सहायक राजस्व निरीक्षक को रिेश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीएमओ के कहने पर निरीक्षक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि देने के बदले घूस की मांग की गई थी। लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए सहायक राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि कॉल रिकॉर्ड के आधार पर सीएमओ को मुख्य आरोपी भी बनाया है।  सागर लोकायुक्त टीम में निरीक्षक संतोष कुमार जमरा, निरीक्षक मंजू सिंह द्वारा की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक हटा नगर पालिका की सीएमओ के सहायक राजस्व निरीक्षक सचिन दीक्षित ने राजू सिंह नामक व्यक्ति से आवास योजना की दूसरी किश्त स्वीकृत कराने के नाम पर बीस हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। राजू पहली किश्त के रुप में दस हजार रुपये पहले ही दे चुका था बावजूद इसके निरीक्षक दूसरी किश्त के दस हजार रुपये के लिए दबाव बना रहा था। जिसकी शिकायत राजू ने सागर लोकायुक्त से की थी। शिकायतकार्ता के शिकायत पर टीम ने योजना बनाकर राजू को किश्त के बाकी पैसे लेकर निरीक्षक सचिन के पास भेजा। जैसे ही हटा बस स्टैंड पर सचिन ने राजू से बाकी के दस हजार लिए उसी दौरान पीछे से लोकायुक्त टीम ने पकड़ लिया। टीम ने कार्रवाई करते हुए नगर पालिका कर्मचारी सचिन दीक्षीत को गिरफ्तार  कर लिया है, वही इसके अलावा लोकायुक्त ने इस पूरे मामले में एक कॉल रिकॉर्ड के आधार पर नगर पालिका सीएमओ प्रियंका झारिया को मुख्य आरोपी बनाया है। टीम ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत सीएमओ एंव निरीक्षक पर कार्यवाही करते हुए केस दर्ज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक इसके पहले भी कई बार सीएमओ के कामकाज को लेकर राजनीतिक विरोध होता रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदक की दूसरी किस्त के पैसे डालने के एवज में सीएमओ  प्रियंका झारिया  ने अपने कार्यालय के कर्मचारी सहायक राजस्व निरीक्षक सचिन दीक्षित के माध्यम से बीस हजार रुपए की मांग की थी। जिस की शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त से की थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए टीम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।


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