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Wednesday 9th of January 2019 | लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का फोकस

सपा-बसपा के गठबंधन के बाद, दुसरे विकल्पों पर काम कर रही कांग्रेस


 

हाल ही में 3 राज्यों में सरकार बनाने के बाद उत्साहित कांग्रेस ने अब लोकसभा 2019 की तैयारियों में जुट गयी है, देश के अन्य हिस्सों के साथ सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाला उत्तर प्रदेश कांग्रेस के फोकस में है| मगर चुनावी साल में कांग्रेस को अलग रखते हुए सपा-बसपा गठबंधन कर नरेंद्र मोदी मोदी को मात देने की कवायद में हैं. ऐसे में कांग्रेस ने प्लान-बी पर काम शुरू कर दिया है. पार्टी एक तरफ जहां शिवपाल यादव के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रही है, वहीं दूसरी तरफ चिन्हित लोकसभा सीटों पर समानांतर तैयारी भी शुरू कर दी है.

कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों के लिए इमरान मसूद को जिम्मेदारी सौंपी है. सूत्रों की मानें तो इस काम में भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद भी कांग्रेस का साथ देंगे. चंद्रशेखर हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं और दलितों को एकजुट करने में लगे हुए हैं. पश्चिमी यूपी में कांग्रेस दलित-मुसलमान और किसान का समीकरण बनाकर 2019 के सियासी जंग फतह करना चाहती है.

राहुल बनाम मोदी होगा चुनावः इमरान मसूद

इमरान मसूद ने कहा कि 2009 के लोकसभा चुनाव में हम सपा में थे. कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन सपा 14 सीटें देने को राजी नहीं थी. ऐसे में कांग्रेस अकेले चुनावी मैदान में उतरी और 22 सीटें जीतने में सफल रही. लोकसभा चुनाव में वोटिंग का पैटर्न अलग होता है और विधानसभा में अलग. यही वजह है कि 2019 का चुनाव नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी के बीच होगा. ऐसे में लोग इन्हीं दोनों नेताओं के बीच अपना मत देंगे.

कर्जमाफी और गन्ने का भुगतान होगा मुख्य मुद्दा

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2009 के लोकसभा चुनाव जैसी ही परिस्थितियां हमारे सामने हैं. यूपी के गन्ना किसानों का 11 हजार करोड़ रुपये बकाया है, बीजेपी सरकार इनका भुगतान नहीं कर रही है. वहीं हमारी हाल ही में बनी तीन राज्यों की सरकारों ने कर्जमाफी करके साबित किया है कि हम किसानों के साथ हैं. इसी तरह से 2008 में केंद्र की यूपीए सरकार ने देशभर के किसानों का कर्ज माफ किया था. ऐसे में हम अपने घोषणा पत्र में किसानों के कर्जमाफी की बात को रखेंगे.

 


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