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Thursday 10th of January 2019 | महिला वनारक्षक का मौत से आमना-सामना

10 मीटर सामने थी मौत, बाघ की आंखों में आंख डाले डटी रही वनारक्षिका


मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के मटकुली रेंज में तैनात एक महिला वनारक्षक जानवरों की गणना व स्थितियों को जायजा लेने के लिए अपने हमराहियों के साथ जंगल में निकली तो रक्षिका का सामना मौत से हो गया। बताया जा रहा कि एक पगमार्क का पीछे करते हुए वे नाले के पास पहुंची तो देखा कि लगभग 10 मीटर की दूरी पर एक बाघ बैठा है। बाघ ने टीम को देखकर पहले दहाड़ा लगाया, फिर गुर्राया उसके बाद आंखे तरेरे सामने खड़ा हो गया। लेकिन महिला वन रक्षिका टस से मस नहीं हुई और लगभग डेढ़ घंटे तक बाघ की आंखों में आंखे डाले खड़ी रही। जानकारी के मुताबिक महिला वनरक्षक सुधा धुर्वे सुबह अपने दो साथी चौकीदारों के साथ बाघ के सामने डेढ़ घंटे तक डटी रही। बाघ ने डराने के लिए कई बार दहाड़ मारी लेकिन ट्रेनिंग में सिखाई गइ कला को यादकर सुधा धुर्वे बिना कोई गतिविधि किए एक ही जगह खड़ी की खड़ी रही। साथ ही सुधा ने साथी चौकीदारों को भी इशारे में चेतावनी दी कि अगर भागने की कोशिश की या कोई अन्य गतिविधि की तो बाघ हमला कर देगा। जिससे सभी जान से जाएंगे। इसलिए वे बाघ के सामने खड़े रहे। बतायश जा रहा कि तकरीबन डेढ़ घंटे तक गश्ती दल का मौत से आमना-सामना होता रहा । टीम द्वारा कोई चहलकदमी न करने पर बाघ वापस जंगल में अंदर की ओर चला गया। जिसके बाद टीम ने राहत की सांस ली।

साथियों का आया बुखार : सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के व‍नाधिकारियों के मुताबिक झिरिया बीट में सुधा धुर्वे साथी चौकीदारों के साथ जंगल क्षेत्र में वन्य प्राणियों की गणना के लिए निकली थी। सुबह साढ़े 6 बजे पगडंडी पर उन्हें कुछ पगमार्क नजर आए। जिसका पीछा करते हुए वे जैसे ही एक नाले के पास पहुंची यह देख कर उनके होश उड़ गए। सामने मात्र 8 से 10 मीटर की दूरी पर एक बाघ बैठा हुआ है। धुर्वे और साथी चौकीदारों ने बताया कि बाघ ने हमें देख लिया था। जिसमें एक चौकीदार ने वहां से भागने के लिए जैसे ही अपना कदम पीछे किया। बाघ तुरंत हमला करने की मुद्रा में आ गया। उन्होंने बताया कि बाघ के इस रूप को देख कोई हिला नहीं है और जो जैसे था वैसे ही खड़ा का खड़ा रह गया। धुर्वे ने बताया कि सामने मौत देखकर ट्रेनिंग के दौरान सीखाई गई सारी कलाएं भूल गई। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में फंसे होने के बाद खुद को संभाला और स्थिर खड़ा हो गए। उन्होंने बताया कि भीषण ठंड में भी सभी लोग पसीने से तर बतर हो गए। हालांकि सुरक्षित वापस लौटने के बाद साथियों को डर के कारण तेज बुखार आ गई है। जिनका उपचार किया जा रहा है।


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