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Thursday 10th of January 2019 | ऋणमाफी के लिए अधिकारियों की कसरत शुरू

इस खबर में जानिए कौन होगा ऋणमाफी का हकदार और किसे नहीं मिलेगा लाभ


कमलनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फसल ऋण माफी योजना को लेकर अफसरों ने जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। जिसको लेकर कृषि कल्याण रीवा के उपसंचालक एसके माहोर ने जिले भर के सभी कृषि विस्तार अधिकारियों से चर्चा कर ऋणमाफी का लाभ किसानों के देने के लिए स्थितियों को जाना।  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ किसानों के ऋण माफी के लिए शपथ लेने के बाद से ही फैसले ले रहे है। ऐसे में प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निश्चित समय सीमा में इसके क्रियान्वयन के दिशा में प्रयास किया जा रहा हैं। उपसंचालक ने सभी एसएडीओ को निर्देश दिए कि किसानों की आवेदन फार्म भरने में सभी जिम्मेदार मदद करें। जिससे पात्र किसान इस योजना का लाभ लेने से वंचित न रह जाए। इसके साथ ही किसानों तक आवेदन फार्म पहुंचाने व उनको भरवाने की जिम्मेदारी एसएडीओ को सौंप दी है। इस दौरान उन्होंने सरकार के नियमों के मुताबिक पात्र व अपात्र हितग्राहियों का पैमाना भी बताया है।

इनको नहीं मिलेगा ऋणमाफी का लाभ : उपसंचालक ने पात्रता के पैमाने में बताया है कि बहुत से शासकीय कर्मचारी जो सेवानिवृत्त हो गए हैं वे किसानी का कार्य कर रहे हैं। उनकी पेंशन भी काफी ज्यादा है। प्रतिमाह 15 हजार से ज्यादा पेंशन पा रहे हैं। ऐसे लोग इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे। इसमें भूतपूर्व सैनिकों को राहत दी गई है। इस के साथ ही जनप्रतिनिधि व राजनेता भी पात्रता के परिसीमन दायरे से बाहर होंगे। ऋणमाफी योजना से वर्तमान एवं भूतपूर्व सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका, नगर पंचायत, नगर निगम के अध्यक्ष, महापौर, कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार के निगम, मण्डल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष इस योजना के लाभार्थी नहीं होंगे। इसके साथ ही सभी आयकर दाता, भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार के समस्त सरकारी अधिकारी, कर्मचारी तथा इनके निगम, मण्डल, अर्द्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारियों को भी ऋणमाफी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। वहीं, सरकार के नियमों के मुताबिक जीएसटी में 12 दिसंबर 2018 या उससे पूर्व पंजीकृत व्यक्ति, फर्म, फर्म संचालक, फर्म के भागीदार कर्जमाफी के हकदार नहीं होंगे।

कर्जमाफी के लिए यह है प्रक्रिया :  किसानों की कर्जमाफी में किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। इस योजना के लाभार्थियों के लिए सरकार एमपी ऑनलाइन पोर्टल तैयार करा रही है। किसानों को ऑफ लाइन आवेदन करना होगा। बैंक खातों को आधार से लिंक कराना होगा। जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति एवं डीएलसीसी में भुगतान योग्य सूचियों को स्वीकृत करेगी। जिले का मांगपत्र तैयार कर कलेक्टर, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास को निर्धारित प्रपत्र में भेजेंगे। एक अप्रैल 2007 से 12 दिसंबर 2018 की स्थिति में दो लाख रुपए तक के कर्जदार किसान ही इस योजना का लाभ ले सकेंगे।


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