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Thursday 10th of January 2019 | विंध्य में रीवा व सतना के किसान फसल उत्पादन में अव्वल

दलहन व तिलहन की ओर बढ़े किसान, घटा गेंहू का उत्पादन रकबा


रीवा संभाग में रबी फसलों के उत्पादन में कोई खास बढ़ोत्तरी इस वर्ष नहीं दर्ज की गई है। कृषि विभाग क्षरा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष सिर्फ पिछले साल की अपेक्षा तकरीबन 44 हजार हेक्टेयर उत्पादन रकबे में बढ़ोत्तरी हुई है। जबकि तिलहन एवं दलहन फसलों के खेती के तरफ किसानों का रूझान बढ़ा है। इसके अलावा गेहूं एवं जौ का रकबा जस के तस है। उक्त कमी का कारण अल्प वर्षा एवं सिंचाई की असुविधा सामने आई है। जिसके कारण फसलों के उत्पादन में कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है। विभाग द्वारा जारी किए आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष रबी सीजन में गेहूं बुवाई का घटता रकबा अचंभित करने वाला है। जिससे जिलों की स्थिति में जहां पिछले वर्ष 445.44 हजार हक्टेयर रकबे में किसानों ने गेहूं की बुवाई की थी। वहीं, इस वर्ष यह रकबा घटकर 415.13 हजार हेक्टेयर पर आ गया है। जबकि जौ उत्पादन के रकबे में असंतोषजनक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां 29.44 हजार हेक्टेयर में बुवाई की गई थी। वहीं इस वर्ष 32.37 हजार हेक्टर में बुवाई हुई है। आपको बता दें कि इस वर्ष की खेती में किसानों ने दलहल के उत्पादन की ओर ध्यान लगाया है। जिससे इसके उम्पादन रकबे में बढ़ोत्तरी हुई है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष रीवा संभाग में 278.98 हजार हेक्टेयर रकबे में चना, मटर एवं मसूरी की खेती की गई थी वहीं इस वर्ष यह रकबा बढ़कर 319 हजार हेक्टेयर हो गया है। रीवा में 94.59 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन फसलों की खेती की गई है। वहीं सतना में 141.30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन फसलों की खेती की गई है। जबकि सीधी एवं सिंगरौली जिले में महज 49 हजार हेक्टेयर एवं 34.30 हजार हेक्टेयर रकबे में किसानों ने फसल उत्पादन के लिए काम किया है। इसके अलावा तिलहन का भी रकबा बढ़ा है। तिलहन की फसलों में सरसो एवं अलसी की बुवाई पिछले वर्ष 63.88 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की गई थी। लेकिन इस बार यह रकबा बढ़कर 94.37 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अल्प बारिश में बेहतर उत्पादन व अच्छी कमाई के कारण किसानों दलहन व तिलहन की फसलों के उत्पादन की ओर रूचि दिखा रहे है। जिससे उनके फसल उत्पादन से अच्छी कमाई हो सके।


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