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Saturday 12th of January 2019 | लोकसभा सीट बदलने की तैयारी में ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर सीट से चुनाव लड़ सकते है सिंधिया, गुना से पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी


लोकसभा चुनाव 2019 में अब तीन माह से कम का समय बचा है। इससे पहले राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं। लोकसभा सीट ग्वालियर से इस बार दोनों दलों से प्रत्याशी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि विधानसभा में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और गुना.शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर लोकसभा से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, गुना.शिवपुरी सीट से उनकी धर्म पत्नी प्रियदर्शनी राजे को पार्टी टिकट दे सकती है। इससे पहले भी राजनीति की गलियारे में उनकी पत्नी के चुनाव लड़ने की चर्चा की जा चुकी है। दरअसल, इस उठती चिंगारियों को हवा देने का काम भी सिंधिया ने ही किया है। उन्होंने हाल ही में ग्वालियर मेला का शुभारंभ किया था। उनके ग्वालियर से चुनाव लड़ने के पीछ दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। एक तो इस बार का कांग्रेस के पक्ष में माहौल है और दूसरा ग्वालियर लोकसभा से लंबे समय बाद पहली बार आठ विधानसभाओं में से कांग्रेस ने सात सीटों को अपने पाले में कर लिया है। सिर्फ एक विधानसभा ग्वालियर ग्रामीण है, जहां पर भाजपा ने जीत हासिल की है। अंचल में इस बार लोकसभा का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में माना जा रहा है। इसलिए कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों की इच्छा है कि सांसद सिंधिया इस बार गुना.शिवपुरी के बजाए ग्वालियर लोकसभा से चुनावी मैदान में उतरें।

अधिकतर कांग्रेस के पास रहा ग्वालियर : 1998 के लोकसभा चुनाव में स्वण्माधवराव सिंधिया कांग्रेस से चुनावी मैदान में उतरे थे और उनके मुकाबले भाजपा ने जयभान सिंह पवैया को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में भाजपा कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और स्वण् सिंधिया करीब 26 हजार वोटों से जीत दर्ज संसद की सीढ़ी चढ़ी थी। उसके बाद 1999 के लोकसभा चुनाव में स्वण् माधवराव सिंधिया ग्वालियर से चुनाव नहीं लड़े और उन्होंने यह चुनाव गुना.शिवपुरी से लड़ा। जहां से भाजपा के जयभान सिंह पवैया सांसद बनें और उसके बाद रामसेवक सिंह कांग्रेस से सांसद बनें। इसी क्रम में दो बार भाजपा से यशोधरा राजे सिंधिया सांसद रही। तत्पश्चात 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र सिंह तोमर सांसद बनें, जो कि वर्तमान में मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री है। वहीं चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री तोमर भी अपनी सीट बदल सकते हैं। वह विदिशा या अन्य किसी से सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। जिसको लेकर चर्चा तेज है।

गुना-शिवपुरी पर है सिंधिया का कब्जा : ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना.शिवपुरी से अपनी धर्मपत्नी प्रियदर्शनी राजे को चुनावी मैदान में उतार सकते हैं। सांसद सिंधिया ग्वालियर के साथ.साथ गुना.शिवपुरी सीट पर भी कब्जा रखना चाहते है। चर्चा है कि भविष्य में वे इस सीट से अपने पुत्र महाआर्यन सिंधिया को मैदान में उतार सकते हैं। जिसको लेकर सांसद सिंधिया 2019 के लोकसभा चुनाव में दोनों सीटों पर नजर लगाए हुए हैं।


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