VT Update
ओंकारेश्वर बांध विस्थापितों को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, कोर्ट ने सरकार को दिया आदेश विस्थापितों को उपलब्ध कराएं बेहतर भूमि। प्रदेश के भिंड में चार लोगों की हत्या करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा। शहडोल उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रही हिमाद्री सिंह ने आज कांग्रेस का हाथ छोड़ थामा भाजपा का दामन कमलनाथ सरकार को जबलपुर हाईकोर्ट से तगड़ा झटका, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने पर लगाई रोक। टिकट को लेकर भाजपा में मचा घमासान, दावेदारों ने प्रदेश कार्यालय के सामने की नारेबाजी।
Thursday 12th of October 2017 | आरुषि-हेमराज हत्या कांड

आरुषि-हेमराज हत्या कांड: तलवार दंपत्ती बरी।


इलाहाबाद। देश के सबसे चर्चित हत्याकांडों में से एक आरुषि-हेमराज हत्या कांड को लेकर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और डॉ. राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। तलवार दंपति ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी 
2008 से लेकर अब तक कुल 9 साल तक चले इस हत्याकांड में CBI ने अपनी कई दलीले दी लेकिन कोर्ट में कोई फैसला ना आ सका। सीबीआई की विशेष अदालत ने राजेश-नुपुर तलवार दंपत्ति को अपनी बेटी आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज के कत्ल का दोषी पाया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उम्रकैद की इसी सजा के खिलाफ आरुषी के माता-पिता इलाहाबाद हाईकोर्ट गए और अपील दायर की थी। 
पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले इस केस की कहानी 2008 में शुरू हुई थी। 16 मई 2008 को नोएडा के जलवायु विहार इलाके में 14 साल की आरुषि का शव बरामद हुआ। अगले ही दिन पड़ोसी की छत से नौकर हेमराज का भी शव मिला। केस में पुलिस ने आरुषि के पिता राजेश तलवार को गिरफ़्तार किया और 29 मई 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई की जांच के दौरान तलवार दंपति पर हत्या का केस दर्ज हुआ । मर्डर केस में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद सीबीआई कोर्ट ने 26 नवंबर 2013 को नुपुर और राजेश तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। सीबीआई के फैसले के खिलाफ़ आरुषि की हत्या के दोषी माता-पिता हाई कोर्ट गए और अपील दायर की। राजेश और नुपुर फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में सजा काट रहे हैं। 
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एके मिश्रा और जस्टिस बीके नारायण ने आरुषि के माता-पिता के पक्ष को बहुत वक्त दे कर बहुत धैर्य से सुना है और सीबीआई के तमाम दावों की जांच की है। 


 


​​​​​​​लगातार बढ़ रही अपहरण की घटनाओं के बाद एसपी को हटाने की मांग हुई तेज

सुप्रीम कोर्ट ने दरिंदे की फांसी की सजा उम्र कैद में की तब्दील, पीड़िता के परि


 VT PADTAL