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Monday 21st of January 2019 | 10 year challenge की हकीक़त

क्या “10 Year Challenge” से Facebook लोगों को बेवकूफ बना रहा है


आपको शायद 10-year challenge के बारे में पता ही होगा. फेसबुक का ये चैलेंज आजकल सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमे लोग अपनी 10 साल पुरानी तस्वीरों को आज से जोड़ कर ये कहते हुए नज़र आरहे हैं कि ' देखिए हम 10 साल पहले कैसे लगते थे'. लेकिन जिस तरह से फेसबुक डेटा लीक के चक्कर में पिछले कुछ महीनों से फंसता आ रहा है उससे यही लगता है कि ये 10-year challenge भी एक धोखा है.जिसमे यूजर्स को बेवकूफ बनाया गया है|

फेसबुक ने 30 अप्रैल 2009 को कहा था कि उसके पास 15 बिलियन फोटो है जिसे यूजर्स के द्वारा ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया है,लेकिन इसके बाद हर हफ्ते 220 मिलियन फोटो को और जोड़ा गया यानी की साल 2009 में ये आंकड़ा कुल 15 बिलियन हो गया| हालांकि अब हम साल 2019 आ चूका है और हमें ये नहीं पता कि अभी तक इस प्लेटफॉर्म पर कितने सारे फोटोज़ अपलोड हो चुके है|

 

लेकिन एक बात तो तय है कि अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) काफी स्मार्ट हो चुकी है. आपको बता दें कि अब हर कंपनी फेशियल रिकॉग्निशन का इस्तेमाल कर रही है. एपल का फोटो एप भी फेशियल रिकॉग्निशन करता है. वहीं एंड्रॉयड फोन पर भी गूगल फोटो एप कॉंटैक्ट और लोगों के फोटो को मैच करवाता है. इससे एक बात तो तय है कि फेसबुक अपने फेशियल डेटा रिकॉग्निशन को और मजबूत बनाने के लिए लोगों के फोटो का इस्तेमाल कर रहा है|
 

कैंब्रिज एनालिटिका जैसे विवाद में फंसने वाले इस सोशल मीडिया जाएंट से जब 10-year challenge के बारे में पूछा गया तो फेसबुक ने कहा कि, ' इसमें उसका कोई योगदान नहीं है और लोगों ने इसे खुद ही बनाकर वायरल किया है है जो अब धीरे धीरे पूरी तरह से फैलता जा रहा है|

फेसबुक को इस डेटा की जरूरत अपने फेशियल रिकॉग्निशन एलगोरिदम को मजबूत करने के लिए चाहिए. जिसमें व्यक्ति का फेशियल स्ट्रक्चर, तव्चा, रंग और दूसरी चीजें शामिल है. इससे एक बात तो तय है कि अगर आपको किसी बेहतर डेटा की जरूरत है तो आपको इस बात का पता लगाना होगा कि कौन से साल में इस फोटो को खींचा गया था तो वहीं उस समय आप कैसे दिखते था|


केट ने सबसे पहले 13 जनवरी को ट्वीट कर लिखा, ‘‘10 साल पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे इस एजिंग मीम के साथ मैं शायद खेलती, लेकिन अब मैं सोच रही हूं कि फेशियल रिकग्निशन एल्गोरिदम को इंप्रूव करने के लिए एज प्रोग्रेसन और एज रिकग्निशन के डेटा का कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है?" wired.com में लिखे आर्टिकल में केट ने कहा कि इस ट्वीट के जरिए उनका इरादा इस मीम (चैलेंज) को खतरनाक बताने का नहीं था, पर फेशियल रिकग्निशन के बारे में जानने के बाद लोगों को इस बारे में पता होना भी जरूरी है.’’

केट ने लिखा, "फेसबुक के #10YearChallenge में लोग अपनी फोटो के साथ साल भी लिख रहे हैं, जैसे 'मी इन 2008 और मी इन 2018.' इसके अलावा कुछ यूजर्स अपनी फोटो की लोकेशन भी बता रहे हैं, जिससे एक चैलेंज के जरिए एक बड़ा डेटा तैयार हो गया है कि लोग 10 साल पहले और अब कैसे दिखते हैं.’’

 


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