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Thursday 31st of January 2019 | अनरगल बयानों से हो रही सरकार की किरकिरी पर सीएम हुए सख्त

मंत्रियों के बोलने पर कमलनाथ ने लगाई पाबंदी, छह मंत्रियों को किया मीडिया से बातचीत के लिए अधिकृत


मीडिया में लगातार दिए जाने वाले विवादित बयानों से प्रदेश सरकार की कीरकीरी होने से नाराज सीएम कमलनाथ ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने साम मंत्रियों को ही मीडिया से बातचीत करने का निर्देश जारी किया है। इसके अलावा अन्य किसी मंत्री को मीडिया से बात करने की इजाजत नहीं होगी। बाकी 21 मंत्री मीडिया से कोई चर्चा नही करेंगें और ना ही सरकार की तरफ से अपना कोई पक्ष रखेंगें। वहीं, सरकार के इस फैसले पर बीजेपी ने सवाल खड़े किए है। बीजेपी का कहना है कि ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है, सभी मंत्रियों को अपनी राय रखने का अधिकार है।

           इस संबंध में प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस से चर्चा के लिए छह अन्य मंत्री को अधिकृत किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस से चर्चा के लिए शर्मा के अतिरिक्त संस्कृति एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ, गृह मंत्री बाला बच्चन, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवक कल्याण मंत्री जीतू पटवारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह एवं वित्त मंत्री तरूण भनोट को ही अधिकृत किया हैं। सरकार के नए रोक में अधिकतर मंत्री सिंधिया खेमे के है। खबर है कि मंत्रियों ने इस पर आपत्ति भी जताई है, हालांकि कोई खुलकर नहीं बोल रहा। वहीं, बीजेपी ने मौका लपकते हुए सरकार का चैतरफा घेराव शुरू कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है, मंत्रियों को जनता के बीच अपने विचार रखने का पूरा अधिकार है।

              बता दे कि बीते दिनों कृषि मंत्री सचिन यादव ने प्रेस में एक बयान जारी कर दिया था। उन्होंने कहा था कि भावांतर योजना बंद की जा रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें फटकार लगाई थी और बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी पेश की थी। इस बयानबाजी के कारण जनता के बीच गलत मैसेज भी पहुंचा था। जिसको लेकर बीजेपी आक्रमण हो चली थी और आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली थी। जबकि हाल ही में पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने हेमा मालिनी पर टिप्पणी की थी और कहा था कि वोट के लिए बीजेपी हेमा मालिनी से डांस करवाती है। इस बयान के सामने आने के बाद से खूब सियासी घमासान मचा था। मंत्रियों की ऐसी बयानबाजी से सरकार की बहुत किरकिरी हुई थी। फिलहाल माहौल कांग्रेस के पक्ष में है और दो महिने बाद लोकसभा चुनाव होने वाले है ऐसे में कमलनाथ सरकार कोई रिस्क नही लेना चाहती है।


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