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Monday 4th of February 2019 | बेबाक गड़करी के बेबाक बोल से मची उथल पुथल

गड़करी का अजीबोगरीब बयान देना जारी, बोले - जो घर नहीं संभाल सकता वो देश क्या संभालेगा


लोकसभा आम चुनाव से पहले केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का अजीबो गरीब बयान जारी है। जो सत्ता पक्ष की जगह विपक्ष को खूब रास रही है वहीं भारतीय जनता पार्टी को उनके बयान से पल्ला छुड़ाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने एक दिन पहले एबीवीपी के पूर्व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो घर नहीं संभाल सकता वो देश क्या संभालेगा। नितिन गड़करी के इस बयान के बाद से सियासी उथल पुथल मच गई। जिसके बाद बीजेपी ने गड़करी के इस बयान से अपना पल्ला झाड़ लिया। लेकिन सियासी गलियारे में उनके इस बयान के बाद उहापोह की स्थिति बनी हुई है कि आखिर गड़करी ने यह बयान देकर किस पर निशाना साधा है।  नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में कहा था कि पार्टी कार्यकर्ताओं को पहले अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहिए जो ऐसा नहीं कर सकता, वो देश नहीं संभाल सकता। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, मैं ऐसे कई लोगों से मिला जिन्होंने कहा कि हम बीजेपी और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करना चाहते हैं। ऐसे लोगों से कहता हूं कि आप क्या कर रहे हैं, आपके परिवार में और कौन.कौन लोग हैं। तो वह बताता है कि मैंने अपनी दुकान बंद कर दी है क्योंकि वो ठीक से नहीं चल रही थी। परिवार में पत्नी, बच्चे हैं। उन्होंने कहा, मैं उनसे कहता हूं, पहले अपने घर की देखभाल करो क्योंकि जो घर नहीं संभाल सकता, वो देश नहीं संभाल पाएगा। ऐसे में पहले अपना घर संभालें, बच्चे और संपत्ति देखने के बाद ही पार्टी और देश के लिए काम करें। हालांकि गड़करी का यह पहला मौका नहीं ज बवह अपने बेबाक बयानों के कारण चर्चा में आए हो। इससे पूर्व  27 जनवरी को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान चुनाव में किए जाने वाले वादों के जिक्र पर उन्होंने कहा था, सपने दिखाने वाले नेता लोगों को अच्छे लगते हैं, पर दिखाए हुए सपने अगर पूरे नहीं किए तो जनता उनकी पिटाई भी करती है। इसलिए वही सपने दिखाओं जो पूरे हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा- मैं सपने दिखाने वालों में से नहीं हूं, जो भी बोलता हूं वह डंके की चोट पर बोलता हूं। अपने इन सभी बयानों के बाद गड़करी एक बार फिर सुर्खियों में है।


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