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Tuesday 5th of February 2019 | भगोड़े माल्या पर कसी लगाम, जल्द लाया जाएगा भारत

माल्या के प्रत्यर्पण पर बोले केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री- सरकार सभी भगोड़ों को ले आएगी भारत, वसूलेगी सारे रुपए


ब्रिटिश सरकार ने भारतीय बैंकों के पैसे लेकर विदेश भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी है। किंगफिशर एयरलाइन द्वारा 9 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के लिए भारत को माल्या की तलाश है। ब्रिटेन के गृहमंत्री साजिद जाविद ने सोमवार को माल्या को भारत भेजने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसकी इजाजत लंदन की एक अदालत ने पहले ही दे दी थी। अब माल्या को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। माल्या के प्रत्यर्पण मंजूरी पर वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही कहा था कि हम किसी भी भगोड़े को छोड़ने वाले नहीं हैं। वे खुद भी इस पूरे मामले को देख रहे हैं और अपने मंत्री समूह के साथ इसकी चर्चा कर रहे है। दुनिया के किसी कोने में यदि भगोड़े छिप के बैठक है तो उनको लाने की कोशिश करेंगे। शुक्ला ने कहा कि विजय माल्या को लेकर पहले भी हमने कदम उठाया और हमने इस पर काफी सफलता पाई है। उन्होंने दावा किया है कि माल्या को जल्द ही भारत लाया जाएगा। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को भारत लाने के बारे में शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि हम निश्चित रूप से कामयाब होंगे और लगातार इस पर काम भी कर रहे हैं। कोई भी भगोड़ा जो भारत का पैसा लेकर भागा है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

          आपको बता दें कि लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछले साल 10 दिसंबर के अपने फैसले में माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश दिए थे। उसके बाद इसकी कार्रवाई शुरू हुई और अब भारत को बड़ी सफलता मिली है। माल्या भारतीय बैंकों से लिए 9 हजार करोड़ रुपए के कर्ज की धोखाधड़ी करने के बाद 2 मार्च 2016 को भारत से भाग गया था। भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई वाले 13 बैंकों का एक समूह माल्या के खिलाफ कर्ज वसूली के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। इसी के तहत माल्या के खिलाफ मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम  के तहत सुनवाई चल रही है। माल्या को भारत लाने की तैयारी शुरू हो गई है। 2017 के अंत में माल्या के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू की गई थी, जिसका माल्या ने कोर्ट में विरोध किया था। माल्या अभी लंदन में जमानत पर बाहर है। भारत में एफईओए के अंतर्गत की गई यह पहली कार्रवाई थी क्योंकि यह कानून हाल में बना है। पिछले साल 22 जून को ईडी ने विशेष पीएमएलए कोर्ट से माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की थी। इसके साथ ही ईडी को माल्या की अनुमानित 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की सारी जायदाद पीएमएलए के तहत जब्त करने का सारा अधिकार मिल गया।


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