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Sunday 10th of February 2019 | खुशखबरी: संविदा कर्मचारी, अतिथि शिक्षक होंगे नियमित

अतिथि शिक्षकों तथा संविदा कर्मचारियों को नियमित करने समिति का हुआ गठन


मध्य प्रदेश की नई को नियमित करने की तैयारी कर रही है| इसके लिए सरकार ने मंत्रिमंडल समिति बना दी है| इसमें तीन मंत्रियों वित्त मंत्री तरुण भनोट, जनजातीय कार्य मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी जीएडी के अपर मुख्य सचिव और वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे। यह कमेटी तीन महीने में सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। इस सम्बन्ध में आदेश जारी किये जा चुके हैं|

कांग्रेस ने वचन पत्र में भी संविदा कर्मचारियों, अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया है। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि तीन महीने के बजाय लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले कमेटी नियमित करने की   है| कर्मचारियों और सरकार के बीच बैठक भी हो चुकी है| जिसमे कर्मचारियों ने मंत्रियों के सामने अपनी मांगों के प्रस्ताव रखे थे| सरकार ने इस ओर कदम बढ़ा दिया है| लेकिन मांगो पर विचार करने के लिए जिस तरह कमेटी बनाई गई है, इससे संसय बन गया है| क्यूंकि तीन माह में रिपोर्ट सरकार तक पहुंचेगी और तब तक आचार संहिता लग जायेगी| जिससे कहीं नियमितीकरण की मांग फिर अधर में न लटक जाए| कर्मचारी संगठनों का कहना है कि समिति इस मामले में तेजी दिखाए और सभी जरूरी पहलुओं पर विचार कर लंबित मांगों की पूर्ति करे|

आदेश में कहा गया है कि इन कैडर के कर्मचारी संगठनों द्वारा स्थाई करण समेत अन्य मांगों के संबंध में मिले अभ्यावेदनों पर कमेटी विचार करेगी। मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ, अतिथि विद्वान संघ सहित अन्य संगठनों ने सरकार के सामने तर्क रखे हैं कि नियमितीकरण में वित्तीय भार नहीं आएगा।

खाली खजाने की चिंता, चुनाव से पहले साधने की तैयारी

खजाने की माली हालत की चिंता सरकार को सता रही है| जिसके चलते कर्मचारियों के वे मामले अटक गए हैं, जिसने सरकार पर वित्तीय बोझ बढे| इसलिए सरकार ऐसे फॉर्मूले पर काम कर रही है, जिससे इन कर्मचारियों को नियमित करने पर वित्तीय भार न आये| समिति को विशेष तौर पर हिदायत दी गई कि प्रयास हो कि नियमित किये जाने में वित्तीय भार न आये| इसके लिए समिति सम्बंधित संगठनों से चर्चा भी करेगी| कांग्रेस का फोकस लोकसभा चुनाव पर है| इसके लिए विभिन्न वर्गों को साधने की तैयारी है| समिति बनाकर सरकार ने यह सन्देश दे दिया है कि वह कर्मचारियों की मांगे पूरी कर रही है| समिति की रिपोर्ट तीन माह में तैयार होगी तब तक लोकसभा चुनाव हो जाएंगे| कांग्रेस को इसका राजनीतिक लाभ मिल सकता है|


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