VT Update
संजय गांधी अस्पताल में 15 दिनों से बुखार की दवाई का स्टॉक खत्म,कारपोरेशन को आर्डर के बावजूद नहीं हो सकी सप्लाई,7 हजार टेबलेट की होती है प्रतिदिन खपत संजय गांधी अस्पताल में 15 दिनों से बुखार की दवाई का स्टॉक खत्म,कारपोरेशन को आर्डर के बावजूद नहीं हो सकी सप्लाई,7 हजार टेबलेट की होती है प्रतिदिन खपत गोटेगांव गोलीकांड में पुलिस रिमांड पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का बेटा,बांकी आरोपियों को भेजा गया जेल,अन्य फरार आरोपियों की पुलिस कर रही तलाश कैबिनेट बैठक में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की मुख्यमंत्री कमलनाथ से बहस,मंत्री प्रद्दुम्न सिंह ने कहा ऐसे नही चलेगा सीएम साहब,कमलनाथ ने कहा मुझे पता है किसके इसारे पर ये सब कह रहे हो कमलनाथ कैबिनेट के बड़ा फैसला,प्रदेश में रियल एस्टेट को बढ़ावा देने कलेक्टर गाइड लाइन दर में 20प्रतिशत की होगी कमी,स्टाम्प ड्यूटी को भी किया गया कम,बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
Friday 1st of March 2019 | न थोपे जायें प्रत्याशी जनता पर:अमित मिश्रा

जनता को बड़ी उम्मीदें होती हैं जनप्रतिनिधि से, फिर चोर बनाम डाकू क्यों?


लोकसभा 2019 को लेकर सियासी दल कमर कस चुकें हैं. प्रत्याशी चयन से लेकर तमाम रणनीतियों पर मंथन चल रहा है. देश भर के संसदीय क्षेत्रों में बाढ़ सी आ गयी है. परम्परागत मतलब कॉपीराइट वाली सीटों को छोड़कर बांकी जगह प्रत्याशियों की बाढ़ आ गयी है. कोई पैसे के दम पर तो कोई भीड़ दिखाकर अपने आपको योग्य बता रहा है. वैसे वर्तमान राजनीति में पैसा एक बड़ा पैमाना है नेता बनने का. पुराने समय में जनता के मुद्दों की लड़ाई लड़ने वाले दावेदार हुआ करते थे अब ट्रेंड बदला है खरीद-फरोख्त करने वाले मजबूत दावेदार हैं. 2019 के रण में भी हर राजनैतिक दल वैचारिकी, सामाजिक अन्य पक्षों को छोड़कर सीधे तौर पर जिताऊ उम्मीदवार को खोज रहे हैं. यहाँ जिताऊ से मतलब हर हाल में जिताऊ उम्मीदवार ही चाहिए. माना की जीत सदन तक पहुचने के लिए जरुरी है लेकिन व्यक्तित्व भी तो महत्वपूर्ण है. किसे मैदान में उतार रहे हैं राजनैतिक दल यह भी देखना जरुरी है.

अब चुनावों का ट्रेंड बदल गया है जनसंपर्क, जनहित के मुद्दों से ज्यादा मैनेजमेंट और कूटनीति मैटर करती है. समाजवाद अब बस किताबों में अच्छा लगता है. 4 साल जनता को चिढाने वाले चुनावी साल में ऐसे पैर छूते हैं मानों जनता में उन्हें साक्षात प्रभू के दर्शन हो रहे हों. मेरा व्यक्तिगत ऐसा मानना है की अब फिर से एक बार जनता को कुछ चीजों को लेकर राजनैतिक दलों से सवाल करना चाहिए. जनता दलों से यह जानने की कोशिश करे की आखिर क्यों हमे हमारी मंशा के अनुरूप उम्मीदवार नहीं दिए जाते. घटिया और महाघटिया दो ही विकल्प क्यों, चोर और डकैत में ही क्यों चुनना है. क्रूर और महाक्रूर में चयन क्यों?

आज के समय में राजनैतिक दल सिर्फ प्रत्याशियों को थोप रहे हैं. टिकिट वितरण का पैमान सिर्फ जीत है ये समझ आता है लेकिन प्रत्याशियों का चाल, चत्रित, चेहरा नाम की भी कोई चीज होती है. राजनैतिक संवाद का क्षरण भारतीय राजनीति के लिए कदापि सही नहीं है. आज जनता को यह सोचने और समझने की जरुरत है की उन्हें कैसा जनप्रतिनिधि चाहिए.आज ऐसी परिस्थिति निर्मित होती जा रही है की हमारे पास ख़राब विकल्प होते हैं और हम सिर्फ ख़राब में कम ख़राब का चयन करते हैं.

अब धारणा को बदलने की जरुरत है.जनता को राजनैतिक दलों को मजबूर करने की जरुरत है जिससे राजनैतिक दल हमे चुनाव के लिए बेहतर विकल्प दे.थोपे हुए डमी प्रत्याशियों के कन्धों पर क्षेत्र की जिम्मेदारी कैसे सौपी जा सकती है.समाज के धरातल और विजन वाले जनप्रतिनिधियों को आगे बढ़ाने की जरूरत है.



 VT PADTAL


 Rewa

छात्र संघ अध्यक्ष ने गृह मंत्री बाला बच्चन को सौंपा ज्ञापन, कॉलेज में सुरक्षा बल व पुलिस चौकी की मांग
Thursday 20th of June 2019
आज रीवा आयेंगे मध्य प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन, विभागीय अधिकारीयों से करेंगे मीटिंग
Thursday 20th of June 2019
रीवा पुलिस द्वारा किया गया रामसुमिरन हत्या केस का खुलासा, हत्या की वजह मृतक की पत्नी के अवैध संबंध
Thursday 20th of June 2019
जमीन पर बैठ कर की टीएल बैठकर, जिले के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी रहे मौजूद  
Wednesday 19th of June 2019
नाबालिक लड़की के अपहरण को लेकर परिजनों द्वारा आरोपी पर की गयी कार्यवाही की मांग
Wednesday 19th of June 2019
रीवा कलेक्टर के निर्देश पर ओवरलोड ट्रकों पर की गयी कार्यवाही, अमले से भिड़े ट्रक मालिक
Wednesday 19th of June 2019