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Saturday 9th of March 2019 | नए नाम पर विचार कर रही बीजेपी

2019 लोकसभा चुनाव के लिए रीवा से बीजेपी में इन नामों पर मंथन


लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस अंतिम दौर की चर्चा कर प्रत्याशियों को मैदान में उतारने तैयारी कर रही हैं. जहाँ एक ओर कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश और गुजरात की सीटों में कुछ नामों का ऐलान कर दिया है वहीँ मप्र. में भी लगभग 12 नाम फाइनल हो चुके हैं बस औपचारिक ऐलान बांकी है.रीवा जिले की 8 विधानसभा सीटें हारने के बाद कांग्रेस ने लोकसभा के लिए जिले में रणनीति बदली है वही बीजेपी विधानसभा का प्रदर्शन दोहराना चाहती है. बीजेपी प्रमुख रूप से केन्द्रीय और राज्य नेतृत्व द्वारा कराये गये सर्वे को आधार बनाकर टिकिट वितरण के बारे में विचार कर रही है.दोनों ही राजनैतिक दल सर्वे और जमीनी स्तर के कार्यकर्त्ता के फीडबैक के आधार पर प्रत्याशी उतारने की रणनीति बना रही है.

राजनीतिक सूत्रों की मानें तो आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए जमीनी कार्यकर्ता के फीडबैक और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर ही टिकट वितरण किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी को भी इस चीज का अन्देशा है कि परिस्थियां 2014 की तरह नहीं है. रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा की बात करें तो अपने बेतुके बयानों के कारण लगातार विवादों में रहे हैं. राज्य सरकार के विधायकों और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला के विकास कार्यों और मोदी लहर के आधार पर 2014 में बीजेपी को रीवा में प्रचंड जीत मिली थी.बीजेपी इस बार फूंक--फूंक कर कदम रख रही है.चूँकि मध्य प्रदेश में अब सत्ता परिवर्तन हो गया है और सांसद जनार्दन मिश्रा की बेतुकी बयानबाजी के कारण पार्टी कई बार चौतरफा घिर गयी थी ऐसे में अब जनता के बीच में उनके खिलाफ एक माहौल तैयार हुआ है. यकीनन सर्वे में यह सब बातें भी जरूर आई होगी.बीजेपी अगर प्रत्याशी बदलती है तो भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी को मैदान में उतार सकती है. केंद्रीय जिम्मेदारियों और कई प्रदेशों के प्रभारी रहे गौरव तिवारी संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं साथ ही जिले में अब अपनी मजबूत पैठ बना रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि लोकसभा के लिए वह रीवा जिले में एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं और अपनी संगठनात्मक क्षमताओं के कारण भविष्य में अगर मौका मिला तो कई केंद्रीय योजनाओं को प्रदेश स्तर पर और जिले में लागू करवा सकते हैं. अगर सांसद का टिकट कटा तो गौरव तिवारी को भारतीय जनता पार्टी सर्वे के आधार पर अपना प्रत्याशी बना सकती है. इन सब के बीच अगर पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपनी सहमति दी तो पार्टी उन्हें मैदान में उतार सकती है लेकिन फिलहाल इसकी उम्मीद कम ही है ऐसे में सब कुछ निर्भर करेगा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कराए गए रीवा जिले के सर्वे पर.वैसे युवा मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद पूनम महाजन और गौरव तिवारी को आगामी लोकसभा चुनाव में मैदान में उतारकर बीजेपी पार्टी के अंदर नयी खेप को लाकर सन्देश देना चाहती है.

साफ है की टिकिट वितरण में पूर्व मंत्री वर्तमान रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ल की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी.राजेन्द्र शुक्ल के नेतृत्व में जिले में बीजेपी ने बीते विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी.अब एक बार फिर राजेन्द्र शुक्ल की सहमति के साथ ही बीजेपी जिले में प्रत्याशी चयन करेगी.वहीँ दूसरी ओर कांग्रेस बीजेपी की हर रणनीति पर नजर बनाये हुए है फिलहाल कांग्रेस में अभी भी गुटबाजी बनी हुई है.बीजेपी के लिए 2019 प्रदर्शन को दोहराना चुनौती होगी वहीँ दूसरी ओर वर्तमान सांसद के कामों को लेकर भी जनता सवाल पूंछ रही है. साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों पर की गयी टिप्पणी को लेकर भी उनपर सवाल खड़े होते रहे हैं.वहीँ दूसरी ओर गौरव तिवारी अपनी संगठन क्षमताओं और युवाओं में मजबूत पैठ के कारण लगातार चर्चा में हैं. ऐसी स्थिति में बीजेपी गौरव तिवारी को मैदान में उतारकर युवा नेतृत्व को बढ़ा सकती है.वैसे भी बीजेपी ने विधानसभा चुनाव 2013 में सिरमौर से युवा प्रत्याशी दिव्यराज सिंह को मैदान में उतारा था वो चुनाव जीते दूसरी बार 2018 में भी वो चुनाव जीते. 2018 के ही विधानसभा चुनाव में सेमरिया से बीजेपी नें के.पी.त्रिपाठी को टिकिट दिया और जीत हासिल हुई.ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं की बीजेपी युवा चेहरे को मैदान में उतार सकती है.  

 


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