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Thursday 14th of March 2019 | पूर्व विधायक ने किया ऐलान, हार के कारण नहीं लड़ेंगे चुनाव

जातिवाद पर फूटा पूर्व विधायक का स्वर, कहा- लोकतंत्र के लिए जातिवाद कैसा विकृत स्वरूप


लोकसभा चुनाव में ताल ठोकने का दौर तेजी से जारी है। नेताओं ने अपनी दावेदारी के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया है। दोनों ही मुख्य पार्टियां टिकट पर मंथन कर रही है। कांग्रेस की दो सूची जारी कर दी गई है। लेकिन भाजपा के तरफ से अब तक प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की गई है। जिसमें कुछ नेताओं को टिकट मिलने का पूरा भरोसा है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मुकेश नायक ने फेसबुक पेज पर पत्र जारी कर खुद के चुनाव नहीं लड़ने की मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते, यह मेरा त्याग नहीं है, बल्कि वे जानते हैं कि चुनाव हार जाएंगे। इस पत्र में उन्होंने विधानसभा चुनाव में नुक्सान पहुँचाने वाले नेताओं पर निशाना साधा है।

            आपको बता दें कि मुकेश नायक ने फेसबुक पेज पर पत्र जारी कर कहा कि वे चुनाव नहीं लडऩा चाहते। आगे लिखा कि यह उनका कोई त्याग नहीं है बल्कि वे जानते हैं कि चुनाव हार जाएंगे। पत्र में उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव के खराब अनुभव का जिक्र करते हुए लिखा है कि अपने खिलाफ एक ऐसे व्यक्ति को प्रचार करते देखा जिसे स्वयं का खून देकर जीवन दिया था। जाति के आधार पर टिकट की मांग करने वालों को निशाने पर लेते हुए नायक ने कहा कि यह जातिवाद का कैसा विकृत स्वरूप है। आज जातिवाद ने संस्था का रूप ले लिया है। लोकतंत्र और देश की राजनैतिक उत्कृष्टता को यह जातिवाद निगल जाएगा। आने वाले चुनाव में योग्यता न्याय प्रियता, संपर्क, संवाद जैसे गंभीर मुद्दों को अनदेखा करना घातक होगा।

              पत्र में उन्होंने सुझाव दिया है कि इस सीट से बहुत लोग टिकट मांग रहे हैं ऐेसें में संगठन को चाहिए कि सभी को कार्यालय में आमंत्रित कर चर्चा कर श्रेष्ठ नाम का चयन करें। अपने पहले पत्र में जाति के आधार टिकट मांगने वालों पर निशाना साधने के बाद चर्चा शुरू हो गई थी कि नायक खुद के लिए दावेदारी कर रहे हैं। जिसके बाद उन्होंने दूसरा पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है। वहीं अपनी पीड़ा भी जाहिर की है।


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