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Wednesday 27th of March 2019 | सरकार ने इको पार्क पर लगाई रोक

जेडीएस प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर जताया आभार


बीहर नदी में विक्रम पुल एवं छोटी पुल के बीच भाजपा सरकार के कार्यकाल दौरान निर्मित कराये जा रहें ईको पार्क प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार ने निरस्त कर दिया है, जिसकी जानकारी देते हुये जनता दल सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एड0 ने बताया कि भाजपा सरकार के स्थानीय पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सन् 1997 की बाढ़ विभीषिका के बाद भी जनहित के विरूद्ध जो निर्णय ईको पार्क निर्माण के लिये लिया था, प्रोजेक्ट की निरस्तगी के बाद स्पष्ट हो चुका है कि ईको पार्क के निर्माण की एजेन्सी, वन विभाग एवं म0प्र0 पर्यटन विकास निगम तीनों की मिली भगत से किये जा रहें कार्य की कलई जनता के सामने खुल चुकी है, इस प्रकार के निर्णय जो बी.जे.पी. सरकार में पूर्व मंत्री के दबाव व ठेकेदारों के रसूख के चलते लिये गये थें, वो जनविरोधी थें, देर ही सही कांग्रेस सरकार का उपरोक्त निर्णय जनता के हित में लिया गया निर्णय है। श्री सिंह ने कहा कि अगस्त 2016 में आई बाढ़ के चलते ईको पार्क का झूला पुल बाढ़ से बह गया था, जिस सम्बन्ध में जनता दल सेक्युलर ने दिनांक 01.09.2016 को रीवा कमिश्नरी के समक्ष एक दिवसीय धरना एवं प्रदर्शन कर म0प्र0 के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को इस आशय का ज्ञापन सौपा था कि ईको पार्क से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ एफ.आई.आर. एवं भविष्य में जन हानि को देखते हुये ऐसा निर्माण न कराया जाय, तथा फरवरी 2019 में पुनः म0प्र0 कांग्रेस सरकार को आगाह करते हुये इस आशय का पत्र लिखा गया था कि अगर ईको पार्क का निर्माण नही रोका गया तो जनतादल सेक्युलर रोड में आकर सरकार का जबरदस्त विरोध करेगा। श्री सिंह ने यह भी कहा कि ईको पार्क की जमीन अधिग्रहित सरकारी जमीन है, इसलिये भविष्य में यदि कोई प्रोजेक्ट सरकार लाती है तो हम उसका विरोध नही करते, लेकिन नदी एवं ग्रीन बेल्ट का स्वरूप नही बदला जाना चाहिये, न ही किसी प्रकार की जन-धन हानि संबंधी निर्माण कार्य कराया जाना चाहिये। सरकार के उक्त फैसले से रीवा शहर के एक बड़े हिस्से को बाढ़ विभीषिका से राहत मिलेगी व प्राकृतिक सौन्दर्य बरकरार रहेगा। इस प्रकार के निर्णय भविष्य मंे यदि सरकार लेगी तो जनता दल सेक्युलर जनता की आवाज बन कर विरोध करेगा। हमारी मुख्य मांगे बाढ़ की बाद की 1.5 करोड़ रूपये की अमानत राशि राजसात की जाय, वर्ष 2016 बीमा की राशि की जाॅच हो, नदी का पानी दस दिन बन्द रहा जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ उसकी भी भरपाई सम्बन्धित कम्पनी से की जाय, शहर के दो लाख लोग पानी से वंचित रहें, तथा निर्माण एजेन्सी के खिलाफ एफ.आई.आर. कराया जाय।


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