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श्री राम की आरती करने पर मुस्लिम महिलाएं इस्लाम से खारिज

श्री राम की आरती करने पर मुस्लिम महिलाएं इस्लाम से खारिज


वाराणसी(यूपी)। दीपावली के दिन वाराणसी में भगवान श्री राम की अरती करने वाली कुछ महिलाओं पर विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुम उलूम देवबंद ने फतवा जारी कर इस्लाम से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही मुस्लिन महिलाओं द्वारा दीपावाली के मौके पर भगवान श्री राम की आरती करने को लेकर दारूल  उलेमा ने अजीबोगरीब बयान दिया है। उलेमा ने अपने बयान में कहा है कि, अल्लाह के सिवा किसी और की पूजा अर्चना करने वाले मुस्लिम नहीं रहते। गौरतलब है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अक्टूबर को अयोध्या में दिवाली उत्सव का आयोजन किया था, इसी दिन मुस्लिम महिलाओं के एक समूह ने वाराणसी में भगवान राम की पूजा और आरती की थी। 
हुकुलगंज की वरुणानगरम् कॉलोनी में नाजनीन की अगुवाई में महिलाओं के समूह ने आरती की थाल के साथ भगवान राम की उतारी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान की ओर सामाजिक सौहार्द का संदेश देने के लिए किया गया था। बता दें कि 2006 में वाराणसी स्थित संकट मोचन मंदिर में आतंकी बम धमाके के बाद से श्रीराम की आरती किए जाने की प्रथा चली आ रही है। उस समय से मुस्लिम महिला फाउंडेशन की प्रेसिडेंट नाजनीन और महिलाओं का एक समूह रामनवमी और दिवाली के मौके पर आरती और पूजा करता आ रहा है। 


 


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