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LOC पार करने की मिली सजा

चंदू को LOC पार करने की मिली सजा, कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की कैद


नई दिल्ली। 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना के जवान चंदू लाल चौहान भारत के कृष्णा घाटी सेक्टर से सीमा पार कर पाकिस्तान चले गए थे। जिसके बाद डीजीएमओ स्तर पर बातचीत के माध्यम से पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों से बातचीत की गई जिसके बाद जनवरी में चंदू बाबूलाल चव्हाण को पाकिस्तान ने भारत के हवाले कर दिया था। वहीं उनकी इस गलती के लिए सेना की अदालत ने तीन महीने कैद की सजा सुनाई है । लेकिन सजा की अवधि को उचित अधिकारियों की मंजूरी मिलना अभी बाकी है। कहा जाता है कि वह अपने अधिकारियों से नाराज होकर पाकिस्तान चले गए थे।

पूरा मामला: 
इंडियन आर्मी ने 29 सितंबर को एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जिसमे कई आतंकी कैंपो को नष्ट कर दिया गया था। इसी दौरान चंदू कश्मीर कृष्णा घाटी सेक्टर से गलती से पाक सीमा में चले गए थे। पाक रेंजर्स ने उन्हें मानकोट के पश्चिम में झंडरूट में पकड़ा था। जिसके बाद उनहे पाकिस्तानी हेड क्वाटर में रखा गया था।  जिसके बाद इंडियन आर्मी की तरफ से एक ऑफिसियल बायान जारी किया गया था, जिसमें इंडियन आर्मी ने कहा था कि चंदू सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने गलती से बॉर्डर क्रॉस किया था।

वहीं जब चंदू की खबर आई की वो पाकिस्तान बॉर्डर के अंदर चले गए है तो इस खबर को सुनने के बाद सिपाही चंदू की 65 साल की  नानी को इतना बड़ा सदमा पहुंचा की उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जिसके बाद चंदू के परिवार वालों ने चंदू के हाथों से ही नानी की अस्तियां विसरजित कराने का ऐलान किया था। 

12 जनवरी 2017 को रक्षा राज्यमंत्री रहे सुभाष भाम्बरे ने कहा था कि , चंदू की घर वापसी के लिए पाक के साथ डीजीएमओ लेवल पर 20 से ज्यादा बार बातचीत हुई है। और वो हमारे जवान को छोड़ने के लिए तैयार हैं। जिसके बाद 21 जनवरी को चंदू को वाघा बॉर्डर लाया गया था। और 10 फरवरी को चंदू ने महाराष्ट्र के धुसे जिले के बोरविहिर गांव पहुंचकर नासिक स्थित गोदावरी नदी में अपने नानी की अस्थियां विसर्जित की थी। 


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