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Saturday 28th of October 2017 | "उदारता पूर्वक इस मुद्दे का हल अदालत के बाहर निकाला जा सकता है"

राम मंदिर मसला: "उदारता पूर्वक इस मुद्दे का हल अदालत के बाहर निकाला जा सकता है"


नई दिल्ली। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक आधात्यमिक गुरू श्री श्री रविशंकर ने राम मंदिर के मसले में कहा है कि, अगर मुझे इस मसले में मध्यस्थता करनी पड़ी तो मैं करुंगा। मिली जानकारी के अनुसार श्री श्री रविशंकर से निर्मोही आखाड़ा और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कुछ सदस्य मिले हैं। उन्होंने रविशंकर से अनुरोध किया है कि वो इस मामले में मध्यस्थता करें। इस मसले पर रविशंकर ने कहा है कि, स्थिति बदल गई है, लोग शांति चाहते हैं।   

खबरों की मानें तो श्री श्री रविशंकर ने बेंगलुरु में निर्मोही अखाड़े और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नुमाइंदों को बातचीत के लिए बुलाया था। बातचीत के बाद श्रीश्री रविशंकर ने बताया कि निर्मोही अखाड़े और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर्स ने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट की बात पर सकारात्मक रुख भी दिखाया। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा जारी किए बयान में कहा गया है, 'गुरूदेव श्री श्री रविशंकर का मानना है कि राम मंदिर का मुद्दा दोनों समुदायों के लोगों के लिए साथ आने का एक अवसर है। उदारता पूर्वक इस मुद्दे का हल अदालत के बाहर निकाला जा सकता है।'

इसके साथ हि श्री श्री रविशंकर ने कहा कि, 2003-04 में भी प्रयास किए गए थे लेकिन माहौल अब ज्यादा सकारात्मक है। मैं यह अपनी क्षमता परख रहा हूं, जो कि गैर राजनीतिक है। इन सबके बीच बाबरी एक्शन कमेटी ने मुलाकात की खबरों को नकार दिया है। खबर है कि रविशंकर ने निर्मोही आखाड़ा और अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की। बता दें कि 5 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले पर अगली सुनवाई होनी है।


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