VT Update
केजरीवाल ने दिया शिवराज को प्रस्ताव शिक्षा में सुधार करना हो तो मनीष को भेज दूँ मध्यप्रदेश सीएम फेस की अटकलों पर शिवराज ने लगाया विराम, कहा कि मेरे ही नेतृत्व में बनेगी भाजपा की अगली सरकार वार्ड क्र 16 में मुख्यमार्ग से परेशान रहवासी, मार्ग का नहीं हो रहा निर्माण, 4 बार किया जा चुका है भूमिपूजन दिल्ली मैट्रो को सितम्बर से बिजली सप्लाई करेगा, बदबार का अल्ट्रामेगा सोलर पावर प्लांट गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के धोबखरी गांव में भाई की जान बचाने नहर में कूदी बहन, हुई मौत
केंद्र द्वारा बनाए कानून को राज्‍य कैसे दे सकता है चुनौती : SC

आधार लिंकिंग पर ममता को SC की फटकार, केंद्र द्वारा बनाए कानून को राज्‍य कैसे दे सकता है चुनौती : SC


नई दिल्ली। मोबाइल नंबर व सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं से आधार कार्ड को लिंक करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। बतादें ममता सरकार ने आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं को आधार से जोड़ने की अनिवार्यता और आधार लिंकिंग की तारीख सभी के लिए 31 मार्च 2018 तक बढ़ाने को लेकर सु्प्रीम कोर्ट में सुनवाई की गयी। पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि आधार को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी जाएगी। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा था कि समय सीमा सिर्फ ऐसे लोगों के लिये बढ़ाई जा रही है जिनके पास आधार नहीं है। ऐसे लोगों को आधार के लिये अप्लाई करना होगा। हालांकि अन्य सभी के लिए आखिरी तारीख 31 दिसंबर ही रहेगी।

इस बीच न्यायालय ने मोबाइल नंबरों को आधार से जोड़ने को चुनौती देने वाली एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवायी करते हुए केन्द्र को नोटिस जारी कार चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इससे पहले केन्द्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को उनसे जोड़ने की अनिवार्यता की तिथि बढ़ाकर 31 मार्च, 2018 कर दी गई है। यह प्रावधान उनके लिए किया गया है जिनके पास अभी भी 12 डिजिट की बायोमीट्रिक पहचान संख्या यानी आधार नहीं है।

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय को बताया कि यह अपील राज्य के श्रम विभाग ने दायर की है क्योंकि इन योजनाओं के तहत सब्सिडी वही वितरित करता है। कोर्ट ने कहा, आप हमें संतोषजनक उत्तर दें कि कैसे एक राज्य इसे चुनौती दे सकता है। हम जानते हैं कि इस मुद्दे पर विचार की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि केन्द्र के कदम को कोई व्यक्ति चुनौती दे सकता है, राज्य नहीं। न्यायालय ने कहा, ममता बनर्जी को एक व्यक्ति के रूप में अपील दायर करने दें। हम उस पर विचार करेंगे क्योंकि वह एक व्यक्ति होंगी। हालांकि, सिब्बल ने कहा कि राज्य ऐसी अपील दायर कर सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपील में लिखे अनुरोध में बदलाव करेंगे। 


कुमारस्वामी ने साबित किया बहुमत

वाराणसी: निर्माणाधीन फ्लाईओवर के स्लैब गिरने हुआ बड़ा हादसा, अब तक 12 की मौत  


 VT PADTAL