VT Update
ओंकारेश्वर बांध विस्थापितों को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, कोर्ट ने सरकार को दिया आदेश विस्थापितों को उपलब्ध कराएं बेहतर भूमि। प्रदेश के भिंड में चार लोगों की हत्या करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा। शहडोल उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रही हिमाद्री सिंह ने आज कांग्रेस का हाथ छोड़ थामा भाजपा का दामन कमलनाथ सरकार को जबलपुर हाईकोर्ट से तगड़ा झटका, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने पर लगाई रोक। टिकट को लेकर भाजपा में मचा घमासान, दावेदारों ने प्रदेश कार्यालय के सामने की नारेबाजी।
Monday 6th of November 2017 | सेक्स सीडी कांड

सेक्स सीडी कांडः पत्रकार विनोद वर्मा की जमानत याचिका खारिज


रायपुर। छत्तीसगढ़ के BJP मंत्री के कथित सेक्स सीडी कांड के मामले पर पत्रकार विनोद वर्मा की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। तकरीबन 1 घंटे तक चली बहस में वर्मा की ओर से सुदीप श्रीवास्तव और फैजल रिजवी ने अपनी दलीलें रखीं। दोनों वकीलों का कहना था कि आरोपी वरिष्ठ पत्रकार हैं इसलिए उन्हें जमानत देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि, वर्मा एक पार्टी से जुड़े हैं। इसलिए जांच को प्रभावित कर सकते हैं। अभी सीडी की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इसलिए जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

बतादें इससे पहले 27 अक्टूबर को पत्रकार विनोद वर्मा को प्रकाश बजाज नाम के एक शख्स की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। बजाज ने अपनी शिकायत में कहा था कि खुद को विनोद वर्मा बताने वाले एक शख्स ने उसे फोन पर धमकी दी और किसी अश्लील सीडी का हवाला देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि फोन करनेवाले शख्स ने उससे कहा कि उनके पास उसके आका की सीडी है और अगर मांगें नहीं मानी गई तो वह उन सीडी को बांट देगा। इसके बाद वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ के पंडरी थाने में आईपीसी की धारा 384, 506 और आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके आधार पर पुलिस पत्रकार विनोद वर्मा को उनके गाजियाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था। 


अपहरण की घटना से फिर दहला सतना, मासूम का अपहरण के बाद हत्या कर बोरे में भर कर न

​​​​​​​लगातार बढ़ रही अपहरण की घटनाओं के बाद एसपी को हटाने की मांग हुई तेज


 VT PADTAL