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Friday 10th of November 2017 | 177 चीजों पर दरें 28 से घटाकर 18 प्रतिशत हुई

GST काउंसिल की 23वीं बैठक, 177 चीजों पर दरें 28 से घटाकर 18 प्रतिशत हुई


गुवाहाटी(असम)। देश की आर्थिक दशा को सुधारने के लिए लागू की गई GST में और सुधार करने के लिए या कहेंकि GST में बदलाव करने के लिए शुक्रवार को दुवारा बैठक ली गई जिसमें गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, यानी GST की सर्वाधिक दर 28 फीसदी के तहत अब तक आने वाली लगभग 220 वस्तुओं में से अब सिर्फ 50 वस्तुओं पर ही यह दर लागू  करने की बात तय की गई है। GST काउंसिल की इस 23वीं बैठक में उन सुझावों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है, जो असम के वित्तमंत्री हिमांता विश्व शर्मा के नेतृत्व वाले एक पैनल ने की हैं। एयरकंडीशन्ड रेस्तरांओं में परोसे जाने वाले भोजन पर भी GST को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी करने पर फैसला इसी बैठक में किया जाना है। 

गुवाहाटी में वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक फिलहाल जारी है। इस बैठक में काउंसिल रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने की दिशा में भी कदम उठा सकती है।

काउंसिल के कुछ सदस्यों ने रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग उठायी थी जिसके बाद इस बारे में विचार किया जा रहा है। फिलहाल  जमीन की बिक्री पर राज्य सरकारें स्टांप शुल्क लगाती हैं। स्टांप शुल्क की दर भी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। कुछ राज्यों में तो यह आठ प्रतिशत तक है। नीति आयोग ने अपने त्रिवर्षीय एक्शन एजेंडा में भी स्टांप ड्यूटी घटाने की वकालत की है। इसके अलावा मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने भी कहा है कि अगर जमीन और रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया गया तो काले धन का सृजन नहीं रुकेगा।

वहीं कांग्रेस ने BJP के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि, सरकार अब समीक्षा के लिए केवल इसलिए तैयार हो गई है, क्योंकि अगले महीने गुजरात में अहम विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां छोटा व्यापारी नई टैक्स व्यवस्था से नाराज है। 


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