VT Update
रीवा के विकास कार्यों में लगा ग्रहण, 250 करोड़ के प्रोजेक्ट अटके, 1 साल की प्रदेश सरकार की मंशा पर उठे सवाल रीवा में कोहरे की चादर 15 डिग्री सेल्सियस तापमान, दिनभर छाई रही बदली मध्य प्रदेश सरकार के अभियान ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ में दौडा भोपाल, मिलावट के खिलाफ शुरू हुआ अभियान 20,000 से ज्यादा लोग अभियान में रहे शामिल पीएनबी ने छिपाया अपना 2617 करोड़ रुपए का डूबा हुआ कर्ज आरबीआई की जांच में खुलासा 2018-19 में छुपाया था एनपीए 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस घोषित, पूरी दुनिया एक साथ लेगी चाय की चुस्की, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकारा भारत का 4 साल पहले का प्रस्ताव
Friday 9th of August 2019 | कुत्तों का आशियाना बना सतना का बरौधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

सतना जिले के बरौधा पीएचसी की हालत दयनीय, डॅाक्टरों की नहीं है तैनाती


सतना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। ग्रामीण इलाकों के हाल और ही बेहाल है।जिले के दूरस्त इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों के पहुंच से दूर है। प्रदेश में सबसे ज्यादा कुपोषण के लिए चिन्हित मझिगवां तहसील के बरौधा प्राथमिक स्वास्थ्य क्रेंद की तस्वीर देख सरकार और प्रशासन के सभी दावे तार तार होते दिखाई दे रहें है। जहां मरीजों के बेड पर कुत्तों का आशियाना है और अस्पताल से सभी कर्मी नदारद है। सतना जिले के आयुष्मान भारत के प्राथमिक स्वास्थ्य क्रेंद वरौधा की हालत भगवान भरोसे है। सरकार ने आलीशान भवन में अस्पताल तो चालू किया है लेकिन अस्पताल की व्यवस्थाएं बेपटरी है। मरीजों के बेड पर कुत्तों का आशियाना है। जबकि अस्पताल में तैनात डॅाक्टर नदारह है। यहां नवजात बच्चों के जीवन पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे है। यही वजह है कि नवजात बच्चे के पास हर पल लोग बैठे रहते है कि कहि कुत्ते के निवाला न बन जाये। आपको बता दें कि यह क्षेत्र पूरे प्रदेश में सर्वाधित कुपोषण होने के लिए चिन्हित हैं । लेकिन यहां आज तक एक डॉक्टर तक नही तैनान हो पाया है। पूरे अस्पताल में चार कर्मचारी तैनात हैं। जिसमें एक ट्रेसर एक नर्स  एक तकनीशियन और एक स्वीपर पूरे अस्पताल को संचालित कर रहे है। जिसमें ड्रेशर लोगों का उपचार करता है और नर्स महिलाओं का । नर्स एक माह में 60 से ज्यादा प्रसव कराती हैं और थोड़ी से क्रिटिकल केस को जिला अस्पताल रेफर करना उसकी मजबूरी है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर शासन व प्रशासन के हकीकत की हवा निकलती हुई नजर आ रही है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठने है कि आखिर इस मामले से अब तक जिम्मेदार अंजान है। सतना से एएच कादरी की रिपार्ट।


सतना में फ्लॉप रहा “सीटी बजाओ सांसद जगाओ” हल्ला बोल

सतना के स्वास्थ्य केंद्र में हुई थी महिलओं की नसबंदी


 VT PADTAL