VT Update
वायरल ऑडियो कांड में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल को क्लीन चीट, जिला भाजपा मंत्री सत्यमणि पांडे प्राथमिक सदस्यता से किए गए निलंबित, अनुशासनहीनता के लगे आरोप, महिला मोर्चा ने खोला मोर्चा। कॉलेज लेवल काउंसलिंग में रीवा जिले के साढे 4000 सीटों को भरने की चुनौती, 19 को यूजी तो 21 को पीजी की जारी होगी अंतिम सूची। मध्य प्रदेश की जेल में बंद कैदी अब नई ड्रेस में आएंगे नजर, सिर से टोपी होगी गायब, प्रदेश की जेलों में नहीं चलेंगे अंग्रेजों के जमाने के नियम। कैबिनेट मंत्री इमरती देवी ने उमा भारती पर कसा तंज, कहा अगले विधानसभा सत्र में हमारे होंगे भाजपा के 7-8 विधायक। नंगे पैर 11 सेकंड में 100 मीटर दौड़ा मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का रामेश्वर गुर्जर, खेल मंत्री रिजिजु बोले एथेलेटिक अकादमी में करेंगे ट्रेनिंग का इंतजाम, मध्य प्रदेश के खेल मंत्री जीतू पटवारी ने धावक से की मुलाकात।
Friday 9th of August 2019 | कुत्तों का आशियाना बना सतना का बरौधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

सतना जिले के बरौधा पीएचसी की हालत दयनीय, डॅाक्टरों की नहीं है तैनाती


सतना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। ग्रामीण इलाकों के हाल और ही बेहाल है।जिले के दूरस्त इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों के पहुंच से दूर है। प्रदेश में सबसे ज्यादा कुपोषण के लिए चिन्हित मझिगवां तहसील के बरौधा प्राथमिक स्वास्थ्य क्रेंद की तस्वीर देख सरकार और प्रशासन के सभी दावे तार तार होते दिखाई दे रहें है। जहां मरीजों के बेड पर कुत्तों का आशियाना है और अस्पताल से सभी कर्मी नदारद है। सतना जिले के आयुष्मान भारत के प्राथमिक स्वास्थ्य क्रेंद वरौधा की हालत भगवान भरोसे है। सरकार ने आलीशान भवन में अस्पताल तो चालू किया है लेकिन अस्पताल की व्यवस्थाएं बेपटरी है। मरीजों के बेड पर कुत्तों का आशियाना है। जबकि अस्पताल में तैनात डॅाक्टर नदारह है। यहां नवजात बच्चों के जीवन पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे है। यही वजह है कि नवजात बच्चे के पास हर पल लोग बैठे रहते है कि कहि कुत्ते के निवाला न बन जाये। आपको बता दें कि यह क्षेत्र पूरे प्रदेश में सर्वाधित कुपोषण होने के लिए चिन्हित हैं । लेकिन यहां आज तक एक डॉक्टर तक नही तैनान हो पाया है। पूरे अस्पताल में चार कर्मचारी तैनात हैं। जिसमें एक ट्रेसर एक नर्स  एक तकनीशियन और एक स्वीपर पूरे अस्पताल को संचालित कर रहे है। जिसमें ड्रेशर लोगों का उपचार करता है और नर्स महिलाओं का । नर्स एक माह में 60 से ज्यादा प्रसव कराती हैं और थोड़ी से क्रिटिकल केस को जिला अस्पताल रेफर करना उसकी मजबूरी है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर शासन व प्रशासन के हकीकत की हवा निकलती हुई नजर आ रही है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठने है कि आखिर इस मामले से अब तक जिम्मेदार अंजान है। सतना से एएच कादरी की रिपार्ट।


सतना में 4 सालों में 721 नाबालिग लड़कियां हुई लापता, खुद खोजबीन में लगे पीड़ित परि

कार्यक्रम में उपेक्षा पर भड़के सतना विधायक, दी चेतावनी, कहा- दोबारा गलती हुई त


 VT PADTAL