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Wednesday 14th of August 2019 | धारा 370 को लेकर कांग्रेस पार्टी में दो फाड़

चिदांबरम के विरोध में आए कमलनाथ के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा,  मोदी सरकार का किया समर्थन


केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370  हटाए जाने के बाद से कांग्रेस में रार मची हुई है। नेता आए दिन अपने ही पार्टी के बयानों का विरोध और नेताओं पर सवाल खड़े कर रहे है। इसी कड़ी में अब कमलनाथ सरकार में लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का भी नाम शामिल हो गया है। जिसमें मंत्री ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदांबरम के उस बयान का विरोध किय है। जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि कश्मीर में हिंदू बाहुल्य राज्य होता तो धारा 370 नहीं हटाई जाती। कमलनाथ सरकार में मंत्री व कांग्रेस पार्टी के नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि मैं पी चिदांबरम के बयान का विरोध करता हूं। केंद्र की चुनी हुई सरकार है उसे निर्णय लेने का अधिकार है। सरकार का धारा 370 हटाने का तरीका गलत था, तानाशाहा तरीके से धारा 370 हटाई गई है। वहीं, मंत्री के इस बयान के बाद से कांग्रेस पार्टी में खलबली मच गई है।

        दरअसल, बीते मंगलवार को आपकी सरकार आपके द्वार योजना के तहत मंत्री वर्मा उज्जैन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दे दिया। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि यह धारा जहां लगी थी वहीं से हटाई जानी थी। केवल केंद्र की मोदी सरकार का तरीका अलोकतांत्रिक था। उन्होंने तानाशाही तरीके से इस धारा को हटाया है। राज्यसभा में बहस के दौरान ही इस मामले में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो गए। इससे लगता है कि यह पूर्वनियोजित था। होना यह चाहिए था कि पहले लोकसभा में बहस कर इसे राज्यसभा में प्रस्ताव भेजा जाता। जहां सभी शक सुबहों को दूर कर राज्यसभा से प्रस्ताव को पारित कराया जाता इसके बाद राष्ट्रपति के पास जाता और फिर गजट नोटिफिकेशन होता। लेकिन सरकार ने इसे सबसे पहले राज्यसभा में रखा और बहस के दौरान ही गजट भी जारी कर दिया गया।


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