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Saturday 24th of August 2019 | अपने ही पार्टी के खिलाफ हुए विधायक लक्ष्मण सिंह

दिग्गी के भाई लक्ष्मण ने कांग्रेस दिग्गजों को बताया नकारा, चिदंबरम के वकील और पार्टी के दिग्गज नेताओं पर साधा निशाना


तमाम विवादों के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद देशभर में सियासत गर्माई हुई है। बयानबाजी का दौर अपने चरम पर है। एक तरफ जहां पूरी कांग्रेस चिंदबरम के बचाव में सड़क पर उतरकर समर्थन दे रही है और मोदी सरकार पर हमले कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के चचौड़ा से कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह अपनी ही सरकार पर लगातार  हमला बोल रहे है। लक्ष्मण सिंह ने चिदम्बरम को ज़मानत न दिला पाने में नाकाम होने पर अपनी ही पार्टी के वकीलों पर निशाना साधते हुए उन्हें मठ्ठाधीश करार दिया है।

        दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह पी. चिदम्बरम को ज़मानत न दिला पाने में अपनी ही पार्टी के वकीलों पर भड़क गए। लक्ष्मण सिंह ने एक ट्वीट करते हुए वरिष्ठ नेताओं और अधिवक्ताओं पर अपनी भड़ास निकाली। लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि चिदंबरम जी निर्दोष सिद्ध हों, पार्टी की स्वच्छ छवि बने, यही कामना करते हैं। परंतु दुख इस बात का है कि हमारे सभी मठाधीश अधिवक्ता जिन्हें बार बार राज्य सभा का सदस्य बनाया, उनकी जमानत नहीं करा पाये।

            गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल, पार्टी के कद्दावर नेता और सुप्रीम कोर्ट में जाने माने वकीन मनु सिंघवी और विवेक तन्खा चिदम्बरम के मामले में पक्ष रख रहे है। गुरुवार को कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि जब सीबीआई के पास सवाल तक तैयार नहीं हैं तो फिर रिमांड क्यों चाहिए। जज अजय कुमार कुहाड़ की अदालत में सुनवाई के दौरान पीण् चिदंबरम के वकीलों ने उन्हें जमानत देने की मांग करते हुए तमाम दलीलें दीं, लेकिन कोर्ट ने सभी को खारिज करते हुए उन्हें रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया। पी चिदंबरम को 26 अगस्त तक सीबीआई की रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया गया है।आपको बता दें कि विधायक लक्ष्मण सिंह लगातार अपने ही पार्टी पर हमला बोल रहे हैं। इसके पहले उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा था। इसके साथ ही लक्ष्मण सिंह ने तबादले के उद्योग बताते हुए कमलनाथ सरकार पर हमला बोला था। हालांकि उनके इस हमले पर पार्टी के तरफ से कोई भी बयान सामने नहीं आया है। अब देखना है कि पार्टी के तरफ से इन आरोपों के जवाब में क्या कुछ प्रतिक्रिया दी जाती है।


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