VT Update
जल्द होंगे पंचायत चुनाव 27 को होगा पंच सरपंच का आरक्षण देर रात किया गया आरक्षण प्रक्रिया का प्रारंभिक प्रकाशन जल्द होंगे पंचायत चुनाव 27 को होगा पंच सरपंच का आरक्षण देर रात किया गया आरक्षण प्रक्रिया का प्रारंभिक प्रकाशन दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक आज , मुख्यमंत्री कमलनाथ करेगे शीर्ष उद्योगपतियों से वन टू वन मुलाकात, मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर करेगे चर्चा सोसायटियों में वंचितों को मिलेगा प्लाट या मुआवजा, कलेक्टर समिति पदाधिकारियों से कर रहे वन टू वन, जनसुनवाई में आए प्रकरणों का हो रहा निराकरण साध्वी प्रज्ञा को धमकी भरा पत्र लिखने वाले रहमान ने एमपीएस की पूछताछ में किया खुलासा अपनी मां और भाई को फसाने के लिए सांसद प्रज्ञा को लिफाफे में भरकर भेजा था पाउडर, भाई और माँ के कारण आरोपी को 18 दिन रहना पड़ा था जेल में
Monday 2nd of September 2019 | मप्रः अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस

मंत्री के बयान के बाद घिरी कमलनाथ सरकार, बीजेपी ने लिया हाथों हाथ


मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह खुलकर सामने आ रही है। एक ओर जहां पार्टी पीसीसी चीफ को लेकर खींचतान मची हुई है। तो वहीं, दूसरी तरफ पंद्रह सालों बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस में मंत्री और विधायकों के आरोप व दावों से पार्टी की मुसीबत ही बढ़ती जा रहा है। जिसमें अब प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर सूबे की राजनीति में भूचाल ला दिया है। वन मंत्री सिंघार ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से राज्य की कमलनाथ सरकार को चला रहे हैं। दरअसल, गंधवानी में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि दिग्विजय सिंह जी पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। यह जगजाहिर है। पूरे प्रदेश की जनता जानती है। कांग्रेस के कार्यकर्ता जानते हैं। जब वह सरकार ही चला रहे हैं तो उन्हें मंत्रियों से मिलने के लिए चिट्ठी लिखने की आवश्यकता ही नहीं है। जब वो सरकार ही चला रहे हैं तो फिर चिट्ठी लिखने की क्या आवश्यकता है। उनके इस आरोपों और बयान को प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने हाथों हाथ लेते हुए कांग्रेस पार्टी और सरकार को घेर लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते रविवार को वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि यह हैं मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्री, आप उन्हीं से सुन लीजिए...। अब तो स्वयं साक्षात मंत्री जी कह रहे हैं तो सवाल अहम हो जाता है। क्या संवैधानिक व्यवस्था को ताक पर रख दिया। क्या शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री से परे सत्ता के सूत्र किसी अन्य के पास हैं तो संवैधानिक संकट है, अराजकता है, लोकतंत्र का अपमान है, महामहिम संज्ञान लें। उसके बाद आज उन्होंने मीडिया से चर्चा कर दिग्विजय सिंह की स्थितियों और मंत्री के बयानों को लेकर सरकार पर हमला बोला है। जिसमें उन्होंने निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी से जवाब मांगा है। हालांकि मंत्री के इस दावे के बाद से सरकार और पार्टी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जिससे इन दावों को और बल मिलना शुरू हो गया है। अब देखना है कि मुख्यमंत्री और पार्टी की तरफ से क्या कुछ प्रतिक्रिया सामने आती है|


चिदांबरम के विरोध में आए कमलनाथ के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा,  मोदी सरकार का कि

सिंधिया के बदले सूर पर पूर्व मंत्री पवैया का हमला, सवाल दागते हुए दिया निमंत


 VT PADTAL