VT Update
रीवा में भी देखि गई हैदराबाद एनकाउंटर की ख़ुशी, जीडीसी की छात्रा ने कहा- आरोपियों को भी जलना था जिंदा रीवा-सतना के जिला अध्यक्षों की सूची में अटका पेंच, भाजपा विधायक और सांसद की नहीं बन पा रही सहमति, कार्यकर्ताओं के साथ आपने वर्चस्व के लिए लड़ रहे नेता पवई विधायक प्रहलाद लोधी केस पर मध्यप्रदेश सरकार को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की मध्यप्रदेश सरकार की याचिका फरार जीतू सोनी पर एक लाख रुपए का इनाम, सोनी की शिकायत सुनने के लिए बने तीन सेल, पुलिस ने गठित की टीम रेलवे ने 32 अधिकारियों को किया जबरन रिटायर, पीएमओ ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के लिए अपनाया सख्त रुख
Tuesday 10th of September 2019 | खुलेगी 1984 में हुए सिख दंगे की फाइल

कमलनाथ को पार्टी से बहार करने की मांग, खुल रही सिख दंगे की फाइल


 

 केंद्रीय गृह मंत्रालय ने1984 में हुए सिक दंगों की फाइलो को दोबारा खोलने का एवं पुनः जांच का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है की प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ सकती है, दरअसल कमलनाथ को इंदिरा गांधी की हत्‍या के बाद दिल्‍ली के गुरुद्वारा रकाबगंज के सामने कथित रूप से दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया है,  इस शिकायत पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन टीम (SIT) से इस बंद मामले की फिर जांच का आदेश दिया है.

जानकारी के अनुसार इस शिख दंगा में दोसी लोगो के खिलाफ या तो मामला दर्जकर लिया गया था, या छोड़ दिया गया था,लेकिन एक बार फिर केंद्र सरकार मामले की जांच करवाएगी । सिरसा ने मीडिया को बताया कि शिख दंगे से जुडी हुई एफ.आई.आर एक बार फिर खुलेगी और इस फाइल में मुख्यमंत्री कमलनाथ का भी नाम शामिल है। उन्होंने सोनिया गांधी से कमलनाथ को पार्टी से बाहर करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर सोनिया गांधी ऐसा नहीं करती हैं तो उनकी सिख विरोधी चेहरा सबके सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा, “एसआईटी अब क्योंकि इस मामले की भी फिर से जांच करेगी, दो गवाह एसआईटी के समक्ष पेश होंगे जहां वे दंगों में कमलनाथ की भूमिका के बारे में बताएंगे.” उन्होंने कहा कि ये गवाह संजय सूरी और मुख्तियार सिंह हैं। जून महीने में भी सिरसा ने एसआईटी के चैयरमेन से मुलाकात कर सिक दंगों की जांच दोबारा करने की मांग की थी। साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ की भूमिका को लेकर भी जांच के लिए कहा था। तब एसआईटी चैयरमेन ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि सिख दंगो की फाइल दोबारा खुल रही है। जांच में कमलनाथ को प्रथमिकता से रखा जाएगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी के लंबे शासन का अंत कर जब कमलनाथ सीएम बने थे तब भी सिख दंगों को लेकर खूब चर्चा हुई थी।सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी प्रतिक्रियाएं आई थीं. हालांकि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने चर्चाओं को दरकिनार करते हुए कमलनाथ को सीएम बनाया था. उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी राज्य का सीएम बनाए जाने की खबरें आई थीं लेकिन पार्टी ने कमलनाथ के ही नाम पर भरोसा जताया था|   अब देखना होगा की सिख दंगे की फाइल खुलने के बाद क्या कुछ नया सामने आता है .


मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फ़ेरबदल

सिंहस्थ घोटाले की जांच में फसे बीजेपी के दिग्गज नेता


 VT PADTAL