VT Update
शहर के टीआरएस कॉलेज में शुरू हुआ राष्ट्रिय सांस्कृतिक महोत्सव , हस्तशिल्प, शिल्पकला काष्ठ और स्वादिस्ट व्यंजनों का होगा संगम शाजापुर में स्कूल वैन कुएं में गिरने से हुई 3 बच्चों की मौत , 19 को निकाला गया बाहर , तेजरफ़्तार के कारण कंट्रोल से बहार हुई वैन मनमानी फीस पर लगाम लगाने सरकार ने की तैयारी, अब कॉलेज नहीं तय कर सकेगा मेडिकल- इंजीनिरिंग की फीस , 2020-21 में बदलेगा नियम मैग्निफिसेंट समिट में शामिल हुए उद्योगपतियों ने की मुख्यमंत्री कमलनाथ की सराहना , मुकेश अंबानी ने बताया मध्यप्रदेश में 45 जगह पर बनाये जायेगे लॉजिस्टिक सेंटर मैग्निफिसेंट एमपी में सीएम कमलनाथ ने की बड़ी घोषणा , 70% रोजगार प्रदेशवासियों को देने के लिए लायेगे कानून, छोटे शहरों में भी शुरू हो सकेगा उद्योग
Friday 13th of September 2019 | संजय गाँधी में फिर सामने आई अनियमितता

दूषित पानी बन रहा लोगो की बीमारी का कारन


 

विंध्य के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल में लापरवाही इस कदर है की कब वो लापरवाही मरीजो के जान पे बन आये कुछ कहा नहीं जा सकता. मरीजो को और उनके परिजनों को ख़राब बिना छना हुआ पानी पीना पड़ता है, जिससे मरीजो और उनके परिजनों को गंभीर बिमारियां हो सकती है, अस्पताल में लगा हुआ पानी का प्लांट पिछले कई दिनों से बंद  है,

रीवा में स्थित संजय गांधी अस्पताल विंध्य के लिए जीवनदायिनी माना जाता है, एक बहुत बड़ी जनसंख्या वाली आबादी उपचार हेतु इस अस्पताल पर निर्भर है, आपको बता दें इस अस्पताल में रीवा, सतना, शहडोल, सिंगरौली एवं पन्ना छतरपुर तक के लोग  दूर दूर से अपना उपचार करने यहा आते है, लेकिन आलम यह है की लोगो की मूल भुत आवस्यकता पानी को ही अस्पताल प्रशासन द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है, इस कारण मरीज दूषित पानी पिने को मजबूर है. दरअसल अस्पताल में पानी फ़िल्टर का प्लांट तो मौजूद है, लेकिन जय दिनो से बंद पड़ा है, बाकि के अस्पतालों में पानी अवश्यक रूप से फ़िल्टर किया जाता है, बकायदे ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन दुर्भाग्य वश रीवा शहर की सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल इससे कोसो दूर है. जिससे यह स्पस्ट होता है अस्पताल भारी अनियमितिता का आलम है, शहर के ही प्रताप सिंह कंपनी को पानी के फिल्टर प्लांट का ठेका दिया गया है जिसको महीने में एक पर्याप्त धन राशी का भुगतान किया जाता है. लेकिन आपको बता दें फिल्टर प्लांट जहां लगा हुआ है वह सालों से बंद पड़ा हुआ है. पानी मैं ब्लीचिंग पाउडर तक नहीं मिलाया जाता सीधे पानी नदी से होकर अस्पतालों में पहुंच रहा है. जिससे जो लोग मरीजो के इलाज  के लिए आते हैं वह इस पानी को  पीकर और भी बीमार हो रहे हैं ...लेकिन अस्पताल प्रबंधक की मिली-जुली भगत से यह खेल खेला जा रहा है वही फिल्टर प्लांट में लगे कर्मचारी का कहना है कि हमें 4 साल हो गया इस फिल्टर प्लांट में काम करते हुए जब से मैं यहां काम कर रहा हूं कभी भी फिल्टर नहीं चलाना कभी मोटर चली, जब हमारी टीम ने अस्पताल के प्रबंधन से बात किया तो हर बार की तरह, ‘जानकारी प्राप्त कर जांच की जाएगी’ कह दिया गया.


सरदार पटेल की प्रतिमा की दीवार गिराए जाने का हो रहा विरोध, टावर पर चढ़ा प्रदर्

80 पेटी से ज्यादा नशीले कफ़ सिरप हुई बरामद, 2 गिरफ्तार, 1 फरार


 VT PADTAL