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Monday 16th of September 2019 | एमपी और यूपी के सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर

इंतजार हुआ खत्म, इनामी डकैत बबली कोल का सफाया, अब चैन की सांस ले पाएंगे रहवासी और पुलिस


मध्यप्रदेश के सतना, रीवा और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुके छह लाख का इनामी डकैत बबली का खात्मा हो गया है। जिसमें बबुली कोल और उसके एक और साथी लवलेश कोल को मारा गिराया गया है। सतना के जंगल से दोनों का शव भी बरामद कर लिया गया है। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पहले गैंगवार में दोनों डकैतों के मारे जाने की खबर थी। लेकिन सोमवार सुबह पुलिस द्वारा एनकाउंटर में डकैतों के मारे जाने का दावा किया गया। आईजी रीवा रेंज चंचल शेखर ने बबली कोल के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि की है। आपको बता दें कि बबली पर साढ़े 6 लाख रुपए, साथी लवलेश पर 1 लाख 80 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। इन दोनों के खात्मे के साथ ही सतना और विंध्य में डकैतों का सफाया और आतंक के पर्याय बन चुके दहशतगर्दी का खात्मा हो गया। इलाके में डकैत बबली कोल का आठ साल से आतंक था। सिर्फ मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी बबली कोल की दहशत थी। वो इतना शातिर था कि वारदात करने के बाद दूसरे राज्य में भाग जाता था। इस वजह से बबुली कोल पुलिस के कब्जे में नहीं आ पा रहा था। कई वारदातों में पुलिस जंगलों में उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन बबली कोल जंगल के रास्ते ही उत्तरप्रदेश पहुंच जाता था। अपहरण की कई वारदात को बबली कोल ने अंजाम दिया था। पिछले हफ्ते ही शनिवार को डकैत बबली कोल ने सतना के किसान अवधेश द्विवेदी को उसके घर से अगवा कर लिया था।  डकैत बबली कोल ने पहले किसान के नौकर को बंदूक की नोक पर अपने कब्जे में लिया था। किसान का अपहरण करने के बाद बबली कोल गिरोह ने किसान के परिवार से पचास लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। जिसके बाद पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई थी। इस बीच किसान अपने सुझबुझ का परिचय देते हुए उनके चंगुल से बच निकला और सुरक्षित अपने घर पहुंचा था। इसके बाद से ही चर्चा हो रही थी कि वो फिरौती देकर सकुशल छूटा था। बबली कोल के मारे जाने की खबर फैलने के बाद से रविवार को ऐसी खबरें सामने आ रहीं थी कि फिरौती के रकम के बंटवारे को लेकर बबली कोल गिरोह में फूट पड़ गई और गैंग में नए शामिल हुए लाली कोल ने इन दोनों को मौत के घाट उतारा दिया। हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया है। आज पुलिस ने इन दोनों के मारे जाने की पुष्टि कर दी। पुलिस ने बताया कि एनकाउंटर में दोनों डकैत मार गिराए हैं। दोनों के पास से हथियार भी बरामद किये गए हैं।

डेढ़ सैकड़ा दर्ज था एफआईआर : बबली कोल ने डोंडा टिकरिया गांव के एक ही परिवार के 5 सदस्यों की पहले नाक काटी और पैर और हाथ पर गोली मारकर घायल कर दिया था। सभी के ऊपर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी थी। पांचों की मौत के बाद बबली ने इनके घरों में आग लगा दी थी। इस घटना के बाद यूपी सरकार ने बबली कोल पर एक लाख का इनाम रखा था। बबली ने 31 दिसंबर 2012 को पुलिस के मुखबिर होने के शक के चलते खमरिया के जंगल में 2 लोगों की हत्या कर दी थी। मानिकपुर जिले के निहि गांव में 31 की दरमियानी रात राजू पाल की हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसके खौफ से सतना जिले और उत्तरप्रदेश के कई क्षेत्रों में हमेशा दहशत का महौल कायत रहता था। पुलिस के मुताबिक डकैत बबली कोल पर यूपी और एमपी के कई थानों में 150 से अधिक मामले दर्ज किए गए है। हालांकि अब बबली कोल और उसके डकैत गैंग के खात्मे के बाद से अब रहवासी चैन की सांस ले पाएंगे। वहीं, पुलिस भी आतंक के पर्याय बन चुके बबली कोल के खात्मे के बाद राहत महसुस कर रही है।  


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