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Wednesday 18th of September 2019 | बाढ़ पीड़ितों के राहत पर मची रार, सरकार और विपक्ष आमने सामने

शिव ने नाथ से कहा, जब हमें ही करना है तो आप कुर्सी छोड़ो


मध्यप्रदेश में भारी बारिश से हुई बर्बादी की भरपाई करने को लेकर कमलनाथ सरकार और विपक्ष में तकरार शुरू हो गई है। जिसमें एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सरकार को आरोप.प्रत्यारोप और राजनीति छोड़कर जनता की मदद करने की हिदायत दी है। उन्होंने इस आपदा पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए सरकार पर सवाल खड़ा किया है। प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा केंद्र से राहत राशि दिलाने में सहयोग की मांग पर शिवराज जमकर बरस पड़े और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार और मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए, कितने मंत्री गए केंद्र के पास। मैं पूछता हूं बताओ कब चिट्ठी लिखी। अगर केंद्र सरकार से मदद भी मैं ही मांगू तो फिर आप कुर्सी पर क्यों बैठे हैं? शिवराज ने कहा कि पानी पहले छोड़ा जाता तो आपदा इतनी भयानक नहीं होती और न ही चंबल मंदसौर नीमच की जनता को उसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ता। उन्होंने सरकार के बचाव कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार का प्रशासनिक अमला अभी तक अधिकांश प्रभावित क्षेत्र में नहीं पहुंच सका है और मैं जाता हूं तो मुझ पर आरोप लगाए जाते है। कई ज्ञानवीर मंत्री मैदान में आरोप लगाने कूद जाते है। बाढ़ पीड़ितों को इस समय बिजली बिल के नोटिस जा रहे है।क्या यह अमानवीयता नहीं है। हम खुद कह रहे है कि केंद्र से मदद मांगो।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में जारी बारिश के कहर से हालात इस कदर असमान्य हो गए है कि 50 हजार से अधिक लोग राहत कैंपों में रहने को मजबूर है। वहीं, बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। वहीं, सरकार पर राहत कार्यों को और तीव्र करने का जोर बढ़ता जा रहा है। जिस पर सीएम कमलनाथ ने सहयोग देने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष से भी मांग किया है कि केंद्र से राहत राशि दिलाए जाने में मदद करे। जिसके बाद से प्रदेश की सियासत में रार मच गई है और दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब देखना है कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के राहत के लिए क्या कुछ कदम उठाती है।


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