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भंडारी दूसरी बार अंतरराष्‍टीय अदालत के जज बने

भारत के दलवीर भंडारी बने अंतरराष्ट्रीय अदालत में जज


नई दिल्ली। नीदरलैंड के हेग स्थ‍ित अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारतीय जज दलवीर भंडारी जज चुन लिए गए हैं। भंडारी दूसरी बार अंतरराष्‍टीय अदालत के जज बने हैं। उन्‍हें जनरल एसेंबली 193 में से 183 मत मिले जबकि सुरक्षा परिषद में उन्‍हें 15 वोट मिले। उनका सीधा मुकाबला ब्रिटेन के उम्मीदवार जस्टिस क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से था। वर्ष 1946 में अंतरराष्‍ट्रीय अदालत की स्‍थापना के बाद यह पहला मौका है जब इंग्‍लैंड का कोई जज इस मुकाबले में हारा हो। सरल भाषा में कहा जाए तो 1946 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि जब अंतरराष्‍ट्रीय अदालत में ब्रिटेन का कोई जज नहीं है। हम आपको बता दें कि जस्टिस भंडारी ने पाकिस्तान में बंद कुलभूषण जाधव मामले में भी अहम भूमिका निभाई थी।

गौरतलब है कि ब्रिटेन सुरक्षा परिषद् का पांचवा स्थाई सदस्य है। संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के स्थाई प्रतिनिधि मैथ्यू रिक्रोफ्ट ने तीन बजे होने वाले 12वें चरण के मतदान से पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद् दोनों सदनों के अध्यक्षों को संबोधित करते हुए एक समान पत्र लिखा। दोनों के अध्यक्षों के सामने पढ़े गए पत्र में रिक्रोफ्ट ने कहा कि उनके प्रत्याशी जज क्रिस्टोफर ग्रीनवुड ने 15 सदस्यीय आईसीजे से अपना नाम वापस लेने का फैसला किया है। वह और भंडारी आईसीजे में नौ वर्ष के कार्यकाल के लिए आमने-सामने थे। मतदान के पहले 11 दौर में भंडारी को महासभा में करीब दोतिहाई मत मिले थे, जबकि ग्रीनवुड को सुरक्षा परिषद् में लगातार नौ वोट मिल रहे थे। इसके बाद ही दोनों पक्षों के बीच यह समझौता हुआ है।

बता दें कि मतदान से पहले ब्रिटेन द्वारा बड़े ही आश्चर्यजनक तरीके से अपना प्रत्याशी वापस लिए जाने के कारण हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत के लिए भंडारी का पुन:निर्वाचन संभव हो सका है। आईसीजे में अपने पुन:निर्वाचन के लिए भंडारी और ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड के बीच कांटे की टक्कर थी। ऐसा माना जा रहा था कि सुरक्षा परिषद् में स्थाई सदस्य अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन ग्रीनवुड के पक्ष में हैं।


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