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प्रद्युम्न मर्डर केस

76 दिनों बाद घर पहुंचा अशोक


गुरुग्राम। प्रद्युम्न मर्डर केस में गिरफ्तार आरोपी बस हेल्पर अशोक कुमार का आखिरकार जमानत मिल गई। 76 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद अशोक अपने घर पहुंच गया है। बुधवार को ही कोर्ट ने उसे जमानत दी थी। अशोक ने रिहाई के बाद के बाद कहा कि हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। घर में परिवार के सदस्य उसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। घामडोज पहुंचते ही उसे देखने के लिए भीड़ लग गई। आठ सितंबर को जिन लोगों की आंखों में अशोक के प्रति नफरत दिख रही थी, आज उन्हीं आंखों में दया के भाव नजर आए। मीडिया से बचाने के लिए अशोक को उसके एक संबंधी खजान के घर में ले जाया गया। मीडिया कर्मी उससे बातचीत करने की कोशिश करने लगे तो अशोक को लोगों ने कमरे के अंदर कर दिया।

वहीं, रेयान इंटरनेशनल स्कूल के बस सहायक और प्रद्युम्न हत्याकांड के आरोपी अशोक के अधिवक्ता मोहित वर्मा का मानना है कि कौन अपराधी है, कौन नहीं, यह सच्चाई आंखें आसानी से बता देती हैं। मोहित वर्मा कहते हैं, 'आंखों में सच्चाई देखने के लिए देखने वालों का मन भी साफ होना चाहिए। यदि मन में कोई छल कपट है तो फिर सच्चाई नहीं दिखाई देगी। प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में बस सहायक अशोक को गिरफ्तार किया गया। उसका चेहरा देखकर ही करोड़ों लोगों के मुख से यही निकला कि यह आरोपी नहीं है।
पुलिस वाले भी इसी समाज से आते हैं फिर उन्हें क्यों नहीं महसूस हुआ? इसके पीछे निश्चित रूप से कुछ न कुछ खेल है। यह सच्चाई सामने आनी चाहिए। सीबीआइ द्वारा अशोक को जमानत दिए जाने के बाद एसआइटी के खिलाफ जांच को लेकर प्रयास शुरू किया जाएगा। 


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भाई के सामने बहन के साथ गैंगरेप, यूपी के नैनीताल नेशनल हाईवे का मामला। 


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