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Monday 27th of November 2017 | IAS अशोक खेमका ने रॉबर्ट वाड्रा को क्लीन चिट देने वाले अफसर की तरक्की पर उठाए सवाल

IAS अशोक खेमका ने रॉबर्ट वाड्रा को क्लीन चिट देने वाले अफसर की तरक्की पर उठाए सवाल


चंडीगढ़। हरियाणा के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका लगातार चर्चाओं में बने रहते हैं। इस बार अशोक खेमका ने वाड्रा-डीएलएफ डील पर सवाल उठाए हैं। रविवार देर शाम खेमका ने एक ट्वीट किया जिसने कई तरह के सवालों को जन्म दिया। उन्होंने लिखा कि जो अफसर उस कमेटी का मेंबर था, जिसने 2012 में हुई रॉबर्ट वाड्रा-डीएलएफ लाइसेंसिंग डील को क्लीन चिट दी थी। उसे अब रियल स्टेट रेगुलेटर फील्ड में आकर्षक पोस्ट दी गई है।

गौरतलब है कि अशोक खेमका द्वारा उजागर गड़बड़ियों और अनियमितताओं के चलते हरियाणा की भाजपा सरकार के 3 मंत्रियों से उनका टकराव हो चुका है।

हाल ही सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग के मामले में उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को खूब खरी खोटी सुनाई थी। खेमका ने इसी विभाग के प्रधान सचिव के नाते उन 3.22 लाख लोगों की पेंशन बंद कर दी थी जिनके दस्तावेज मौजूद नहीं थे। इनमें से एक लाख लोगों की पेंशन आज भी बंद है। 

बता दें, हाल ही में हरियाणा सरकार ने डॉ. अशोक खेमका का 51वीं बार तबादला किया है। अब खेमका को खेल और युवा मामलों के विभाग का प्रिंसिपल सेक्रटरी बनाया गया है। तबादले की ख़बर के बाद आईएएस अशोक खेमका ने ट्वीट किया कि कई सारे कामों की तैयारियां की थीं और अचानक एक और तबादले की खबर मिल गई। एक बार फिर आपातकालीन लैंडिंग हो गई और निहित स्वार्थों की जीत हो गई। लेकिन यह अस्थायी है और काम नए उत्साह और ऊर्जा के साथ जारी रहेगा। 

अशोक खेमका की पहली पोस्टिंग 1993 में हुई थी। अपनी अब तक की नौकरी के दौरान उनकी ज्यादातर पोस्टिंग कुछ महीनों की ही रहीं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग विभागों में 8 ऐसी पोस्ट संभालीं, जो एक महीने या उससे भी कम की रहीं। 


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