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भाजपा के तर्ज पर नए सिपाहियों की तैनाती

बीजेपी के बनायें रास्तों पर कांग्रेस


VT POLITICAL-बीजेपी के बनायें रास्तों पर कांग्रेस

डगर मुश्किल है मध्यप्रदेश में कांग्रेस की . बीजेपी का मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं की बड़ी फ़ौज के आगे लड़ना कठिन है .नए प्रभारी भी अब बीजेपी से बूथ मैनेजमेंट सीखने में लगे हैं,तभी तो 25000 सिपाहियों की तैनाती का बड़ा एजेंडा तैयार किया है डिट्टो बीजेपी जैसा .

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी को पता चल चुका है कि पुरानी रणनीतियों के साथ चुनाव नहीं जीता जा सकता.अब कांग्रेस ने बीजेपी की रणनीति और उनके बनाये रास्तों पर चलने का फैसला कर लिया है. नए प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया भी डैमेज कंट्रोल में तो लगे हुए हैं लेकिन उन्हें भी यह अंदाजा हो गया है कि राज्य में सब नेताओं को समेटना और  एक सूत्र में बांधना बहुत कठिन काम है इसलिए उन्होंने यह सोच लिया है कि ‘एकला चलो’ के रास्ते से कम से कम संगठन स्तर पर कुछ ऐसे परिवर्तन किए जाए ऐसे लोगों को स्थापित किया जाए जो कांग्रेस की मूल विचारधारा से जुड़े हो. बैठकों के दौर के बाद दीपक बावरिया ने निर्धारित कर लिया है की बूथ मैनेजमेंट के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना बेहद जरुरी है तभी बीजेपी का मुकाबला संभव हो पायेगा. मप्र.कांग्रेस इस योजना के तहत 25000  पदों पर नियुक्ति की तैयारी में है. संगठन द्वारा इन पदों पर ऐसे कार्यकर्ताओं को स्थापित करना जिससे संगठन स्तर पर काम हो सके और चुनावी रणनीति बनाई जा सके.

भाजपा मजबूत कार्यकर्ताओं को स्थापित कर चुनाव जीतते आई है . अब कांग्रेस बीजेपी की रणनीति पर अध्ययन कर उसे अपने संगठनों पर लागू करने की फिराक में है . क्योंकि कांग्रेस को पता है की बीजेपी बूथ मैनेजमेंट और जमीनी स्तर पर वोट कन्वर्ट करने में माहिर है .नए प्रभारी दीपक बावरिया बूथ मैनेजमेंट के साथ-साथ वार्ड में कार्यकर्ता बनाने में लगे हैं .चुनाव के दृष्टिकोण से सशक्त और मजबूत कार्यकर्ताओं की टीम स्थापित करने में लगे हुए है .2018 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विधानसभा स्तर पर भी मजबूत टीम के साथ उतरना चाहते हैं .2013 विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी मध्यप्रदेश में कांग्रेस सबक नहीं ले पाई थी निकाय चुनाव में हार का सिलसिला और तेज ही हुआ था . अ नए प्रभारी एक नयी रणनीति बनाकर मैदान में आने को आतुर है क्योंकि उन्हें पता है की अगर गुटबाजी सुलझाने में लगा रहा तो बचे टीले भी ढह जायेंगे. भाजपा ने बड़े ही व्यवस्थित और मजबूत संगठन से पूरे प्रदेश में अपनी टीम की तैनाती कर ली है और 2018 के चुनाव के लिए आगे बढ़ चुकी है सोशल मीडिया के साथ साथ जमीनी हकीकत को भापते हुए दीपक बावरिया फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं.


अध्यक्ष और प्रभारी का बदलना तय

नर्मदा किनारे की सीटों में बड़ा डैमेज


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