VT Update
केजरीवाल ने दिया शिवराज को प्रस्ताव शिक्षा में सुधार करना हो तो मनीष को भेज दूँ मध्यप्रदेश सीएम फेस की अटकलों पर शिवराज ने लगाया विराम, कहा कि मेरे ही नेतृत्व में बनेगी भाजपा की अगली सरकार वार्ड क्र 16 में मुख्यमार्ग से परेशान रहवासी, मार्ग का नहीं हो रहा निर्माण, 4 बार किया जा चुका है भूमिपूजन दिल्ली मैट्रो को सितम्बर से बिजली सप्लाई करेगा, बदबार का अल्ट्रामेगा सोलर पावर प्लांट गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के धोबखरी गांव में भाई की जान बचाने नहर में कूदी बहन, हुई मौत
डकैतों की सक्रियता और ग्रामीणों का डर

दहशत में रहते हैं रीवा के इस क्षेत्र के लोग


दहशत में रहते हैं रीवा के इस क्षेत्र के लोग-

चम्बल के डकैतों के किस्से उसके बाद विन्ध्य क्षेत्र में रीवा सतना और उत्तरप्रदेश सीमा से लगा क्षेत्र चित्रकूट और बाँदा पहले भी डकैतों द्वारा खासा प्रभावित किया जा चुका है.तराई क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण तब से उम्मीद लगा के बैठे हैं की शायद अब वनांचल क्षेत्र में इनके आतंक से सरकार और पुलिस मुक्त करवा देगी. कहीं सरकार बंदूक सौंप कर अपने आप को किनारे कर लेती है तो कहीं आश्वासन देकर लेकिन ये समाधान तो नहीं . पिछले 4 महीनों में डकैतों का मूवमेंट तेजी से बढ़ा है और फिर से पीड़ित गरीब, व्यापारी,आदिवासी तराई में डकैतों के आतंक को झेलने को मजबूर हैं . पुलिस कोशिश में लगी है लेकिन जंगल की आड़ में हर बार धूल झोकते डकैत बच निकलते हैं ..... कहीं फिर से किसी बड़े खतरे की ओर तो नहीं बढ़ रहा हमारा तराई क्षेत्र..

रीवा जिले के तराई अंचल का क्षेत्र डभौरा जो कि उत्तरप्रदेश की सीमा से लगा हुआ है और यहां पर डकैतों के मूवमेंट को लेकर अक्सर पुलिस के ऑपरेशन भी चलाए जाते हैं. क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा होने के कारण यहां हमेशा से डकैतों की सक्रियता आज भी बनी हुई है और पिछले 4 महीने में डकैतों ने कई वारदातों को अंजाम दिया है. आये दिन किडनैपिंग जैसी घटनाएं हो रही हैं, पुलिस मुस्तैद है लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर डकैतों की धरपकड़ में लगी हुई है .पुलिस की कोशिश है कि तराई अंचलों में डकैतों के मूवमेंट को खत्म किया जाए लेकिन सफलता कुछ खास हाँथ नहीं लग पा रही. पिछले तीन महीनों में चार बड़ी घटनाओं को डकैतों ने अंजाम दिया है कुछ समय पहले रिटायर्ड डिप्टी रेंजर का अपहरण किया गया था उसके बाद किराना व्यापारी और फिर एक चरवाहे का अपहरण हुआ है .

बीते शनिवार को रात करीब 12:00 बजे सात हथियारबंद डकैतों ने खेत की रखवाली कर रहे दो किसानों का अपहरण कर लिया है. यह घटना भी तराई अंचल गांव हरदौली की है. इस घटना के बाद पुलिस ने तराई अंचल को छावनी में तब्दील कर दिया है . आठ थानों की पुलिस अमले के साथ एस एफ के 20 जवानों की टोली सर्च ऑपरेशन में लगी हुई है लेकिन पिछले चार महीनों की घटनाओं पर नजर डाले तो डकैतों की मूवमेंट बढ़े हैं, अपहरण की वारदात बढ़ी है अपहरण कर हत्या के भी मामले सामने आए हैं. मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे गाँव के लोग दहशत में जीवन बसर कर रहे हैं.

ददुआ की मौत के बाद लगा था अब सब ठीक रहेगा-

ददुआ के गिरोह ने यूपी और मप्र. के तराई अंचल में दहशतगर्दी का जो माहौल बनाया था उससे वैसे ही ग्रामीण उभर नहीं पाए थे .ददुआ की मौत के बाद लगा था अब हालात सुधरेंगे लेकिन उसके बाद बलखड़िया,कलुआ,पटेल और न जाने कैसे-कैसे गिरोह की एंट्री हुई और विन्ध्य के जिले रीवा और सतना में बड़े स्तर पर डकैतों का मूवमेंट बढ़ गया है.

आज देश आतंकवाद,पोषित नक्सलवाद से तो लड़ ही रहा है लेकिन साथ ही डकैतों से भी फिर से लड़ाई शुरू हो चुकी है .एक समय ऐसा लगा था की अब डकैतों का आतंक समाप्त हो चुका है. लेकिन आज जैसी स्थिति निर्मित हो रही उसे देखकर तो यही लगता है की अब फिर से 20 साल पूर्व जैसी स्थिति थी वही फिर से हो रही.


SC / ST एक्ट के खिलाफ आज भारत बंद, कई राज्यों में उग्र प्रदर्शन

विन्ध्य महोत्सव की तैयारियां शुरु, कई राष्ट्रीय कलाकार करेंगे शिरकत


 VT PADTAL