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जनिए आज का इतिहास क्या कहता है

क्या है सोमनाथ मंदिर का इतिहास, 8 जनवरी को ही महमूद गजनवी ने किया था इस मंदिर का अपमान


सोमनाथ एक प्रचीन हिंदू मंदिर है द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शुमार यह मंदिर सबसे पहले ज्योतिर्लिंग के रुप में शामिल है. ज्योतिर्लिंग उन स्थानों को कहते हैं जहां भगवान शिव स्वंय प्रकट हुए थे.

सोमनाथ मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल शहर में समुद्री किनारे पर स्थित है. वर्तमान समय का यह मंदिर देश की आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा बनवाया गया था. इससे पहले इतिहास में कई बार इस मंदिर का निर्माण हुआ है पर हमेशा ही किसी मुस्लिम शासक के द्वारा इस मंदिर को तोड़ा गया.

हिंदू ग्रंथों के अनुसार इस मंदिर की स्थापना स्वंय चंद्रदेव अर्थात सोम ने की थी इस लिए इस मंदिर का नाम सोमनाथ रखा गया सोम के नाथ अर्थात सोमनाथ.

सोमनाथ मंदिर के बारे में एक बात और कही जाती है कि स्वंय भगवान कृष्ण ने इसी मंदिर प्रांगण में अपने शरीर का त्याग किया था.

815 ईस्वी में प्रतिहार राजा नागभट्ट ने इस मंदिर को बनवाया. उस समय पर इस मंदिर की प्रसिद्धि दूर दूर तक फैली थी यह मंदिर अपनी सौंदर्या और धन संपदा के लिए बहुत प्रसिद्ध था. जिसकारण भारत की इस मंदिर की सभी जानकारी लेते हुए  मुस्लिम शासक महमूद गजनवी ने  8 जनवरी 1024 ईस्वी में अपने 5 हजार साथियों के साथ मंदिर पर आक्रमण कर दिया और मंदिर प्रागण मे उपस्थित 25 हजार लोगों का कत्ल करते हुए मंदिर की सारी धन संपदा को लूट कर ले गया


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